महिला सांसदों ने PM की सीट को घेरा: मनोज तिवारी-निशिकांत दुबे का राहुल पर पलटवार, लोकसभा में हंगामे की Inside Story
लोकसभा में भारी हंगामे के कारण राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा पूरी नहीं हो सकी, जिससे प्रधानमंत्री ...और पढ़ें

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को भारी हंगामे के चलते राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा पूरी नहीं हो सकी। हालात ऐसे बने कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जवाब भी नहीं हो पाया और सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
#WATCH दिल्ली: भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने सदन की कार्यवाही में हंगामे पर कहा, "आज जो हुआ उसकी तस्वीर देखकर आप हैरान रह जाएंगे... यह स्थिति कहती है कि जनता इन्हें(कांग्रेस) हरा रही है तो ये सदन में हमें(भाजपा) बोलने नहीं देंगे। देश को इतना बड़ा गौरव प्राप्त हुआ है लेकिन तब भी वे… pic.twitter.com/A3KS4S0WB2
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 4, 2026
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "आज जो हुआ, उसकी तस्वीर देखकर आप हैरान रह जाएंगे। यह कांग्रेस की हताशा दिखाता है। वे प्रधानमंत्री मोदी को बोलने नहीं देना चाहते। देश सब देख रहा है और कांग्रेस से इसका जवाब मांगेगा।"
राहुल गांधी ने किस किताब का दिया हवाला?
उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी एक ऐसी किताब का हवाला दे रहे थे जो अभी प्रकाशित नहीं हुई है, जबकि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने प्रकाशित किताब का संदर्भ दिया। बता दें, हंगामे की शुरुआत सुबह से ही हो गई थी।
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विपक्षी सांसद चीन के साथ 2020 के गतिरोध और राहुल गांधी को पूर्व थलसेना प्रमुख एमएम नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा से उद्धरण देने की अनुमति न मिलने को लेकर विरोध कर रहे थे। शोर-शराबे के बीच सदन को कई बार स्थगित करना पड़ा।
क्यों सदन को करना पड़ा स्थगित?
शाम 5 बजे जब सदन फिर शुरू हुआ और प्रधानमंत्री के बोलने की संभावना थी, तब विपक्ष की कुछ महिला सांसदों ने सत्तापक्ष की सीटों के सामने प्रदर्शन किया। इनमें वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि शामिल थीं। उन्होंने 'Do What Is Right' लिखा हुआ बड़ा बैनर भी पकड़ा हुआ था।
इन सांसदों ने प्रधानमंत्री की सीट समेत कुछ सीटों को घेर लिया। उनका विरोध एक दिन पहले निलंबित किए गए आठ विपक्षी सांसदों के मुद्दे पर था। उस समय सदन की कार्यवाही संभाल रहीं पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने हालात को देखते हुए सदन स्थगित कर दिया। बाद में मंत्रियों के आग्रह पर महिला सांसद वहां से हटीं।
विपक्ष ने सरकार पर लगाया संसदीय परंपरा तोड़ने का आरोप
सरकार की ओर से वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर संसद में ब्योरा रख दिया, लेकिन विपक्ष इससे संतुष्ट नहीं है। बुधवार को राज्य सभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस की ओर से उपनेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि संसद नियम-परंपरा से चलती है।
परंपरा है कि जब संसद का सत्र चल रहा हो तो नीतिगत विषयों की जानकारी सबसे पहले संसद में दी जाती है। इसके बावजूद वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को संसद के बाहर प्रेसवार्ता कर जानकारी साझा की।
इस पर सभापति सीपी राधाकृष्णन ने व्यवस्था के प्रश्न को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि मंत्री स्वयं ही बुधवार को संसद में वक्तव्य रखना चाहते थे। इसके अलावा आज मंत्री द्वारा सदन में जानकारी दी जाएगी।
