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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 10, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कांग्रेस नए संसद भवन की नींव रखे जाने पर हो रही है आग बबूला, कहा- अंतिम संस्कार के वक्त डीजे बजाने जैसा है यह

By Arun Kumar SinghEdited By:
Published: Thu, 10 Dec 2020 06:01 PM (IST)Updated: Thu, 10 Dec 2020 08:02 PM (IST)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नए संसद भवन की नींव रखी। कांग्रेस पार्टी नए संसद भवन को लेकर आग ...और पढ़ें

नए संसद भवन और पुराने भवन की डिजाइन की तुलना
नए संसद भवन और पुराने भवन की डिजाइन की तुलना

 नई दिल्ली, जेएनएन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नए संसद भवन की नींव रखी। कांग्रेस पार्टी नए संसद भवन को लेकर आग बबूला है। कांग्रेस ने नए संसद भवन और पुराने भवन की डिजाइन की तुलना करते हुए बताया स्वदेशी और विदेशी का मुद्दा उछाला। इस दौरान कांग्रेस सांसद जयराम रमेश और प्रवक्ता जयवीर शेरिगल ने हमला बोला।  कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने कहा कि अंग्रेजों का बनाया मौजूदा संसद भवन मध्य प्रदेश के मुरैना स्थित चौसठ योगिनी मंदिर जैसा दिखता है, लेकिन नए 'आत्मनिर्भर' संसद भवन का प्रारूप वॉशिंगटन डीसी स्थित पेंटागन (अमेरिकी सरकार के रक्षा विभाग) से मिलता-जुलता है। इसे लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की प्रतिक्रिया देखने को मिली।  

नए संसद भवन के निर्माण की कांग्रेस प्रवक्ता ने की आलोचना  

वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने नए संसद भवन को ट्वीट कर लिखा कि नई इमारत की आधारशिला रखने का फैसला संवेदनहीन, हृदयहीन और बेशर्मी से भरा है। खास कर ऐसे समय में जब देश आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है। भाजपा लोगों को राहत देने के बजाय फालतू जुलूस निकाल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का ये कदम अंतिम संस्कार के वक्त डीजे बजाने के बराबर है। एक तरफ, काले कृषि कानूनों के जरिए भाजपा ने किसानों की आजीविका पर बुलडोजर चला दिया, दूसरी तरफ वह जनता का पैसा भवन निर्माण पर खर्च कर रही है, जिसकी जरूरत नहीं थी, लेकिन वो ऐसा कर रही है अपने अहंकार को संतुष्ट करने के लिए।' जयवीर शेरगिल ने कहा कि महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में नए संसद भवन की आधारशिला रखने का काम किसानों से रोटी छीनने के बाद केक की दुकान खोलने जैसा है।