मुंबई, एएनआइ। महाराष्‍ट्र में सरकार गठन को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच अभी तक कोई समझौता नहीं हो पाया है। विधानसभा चुनाव के नतीजे आए 12 दिन गुजर चुके हैं, लेकिन राज्‍य में किसकी सरकार बनेगी, ये अभी तय नहीं है। भाजपा और शिवसेना के बीच मुख्‍यमंत्री पद को लेकर खींचतान जारी है। इस बीच भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने वरिष्‍ठ नेताओं की बैठक के बाद एक बार फिर दोहराया कि महाराष्‍ट्र में वहीं सरकार बनाएंगे और जल्‍द ही इसकी खबर आ जाएगी।

मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के घर मुंबई में आज वरिष्‍ठ भाजपा नेताओं की बैठक हुई। बताया जा रहा है कि इस बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब हुए सुधीर मुनगंटीवार ने कहा, 'भाजपा नेताओं ने आज बैठक के दौरान व्यापक चर्चा की। हम शिवसेना का इंतजार करेंगे, लेकिन सरकार केवल हमारी होगी। यहां 'अगर' और 'मगर' की कोई गुंजाइश ही नहीं है। आपको कभी भी यह खबर मिलेगी कि हम सरकार बना रहे हैं।'

वहीं, भाजपा नेता चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि महाराष्‍ट्र की जनता ने भाजपा-शिवसेना गठबंधन को जनादेश दिया है। हम इस जनादेश का सम्मान करेंगे और सरकार बनाएंगे। भारतीय जनता पार्टी के दरवाजे शिवसेना के लिए हमेशा खुले हैं। इससे पहले भी भाजपा यही कह चुकी है। भाजपा नेताओं के बयानों से एक बार फिर इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि शिवसेना की मांग पर हथियार डालने की कोई योजना नहीं है।

विधानसभा चुनाव के परिणाम आए 12 दिन बीत चुके हैं, और इस सरकार का कार्यकाल खत्म होने में अब सिर्फ तीन दिन की अवधि शेष है। इसी बीच मंगलवार शाम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी निवास पर हुई भाजपा कोर कमेटी की बैठक के बाद भाजपा के रुख में नरमी तो दिखाई दी। एक ओर जहां भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने साफ कहा कि पूरी भाजपा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पीछे मजबूती से खड़ी है। हमें उम्मीद है कि जल्दी ही फडणवीस के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार बन जाएगी। इस बैठक के बाद ही प्रेस से बात करते हुए भाजपा के दो वरिष्ठ नेताओं सुधीर मुनगंटीवार एवं गिरीश महाजन ने भाजपा के रुख में नरमी के संकेत दिए। इन दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री पद सहित किसी भी मुद्दे पर शिवसेना से चर्चा के लिए भाजपा के द्वारा खुले होने की बात कही। प्रदेश अध्यक्ष पाटिल ने भी कहा कि शिवसेना से बातचीत के लिए हमारे दरवाजे 24 घंटे खुले हैं। हम जितनी जल्दी संभव हो, महागठबंधन की सरकार बनाने को तैयार हैं।

भाजपा की ओर से दिखाई गई यह नरमी एकतरफा ही नजर आ रही है। शिवसेना की ओर से पिछले 12 दिनों से मोर्चा संभाले बैठे उसके प्रवक्ता संजय राउत ने साफ कहा कि शिवसेना की भूमिका में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वह ढाई साल के मुख्यमंत्री पद की अपनी मांग पर पहले की तरह कायम है। भाजपा इस संबंध में लिखित आश्वासन दे, उसके बाद ही उसके साथ कोई बातचीत शुरू होगी। राऊत के अनुसार यह मांग पार्टी विधायकों की बैठक में उठी थी। इसलिए लिखित आश्वासन के बगैर कोई बात नहीं हो सकती।

बता दें कि राउत शिवसेना मुखपत्र सामना के कार्यकारी संपादक भी हैं। इस समाचार पत्र के संपादकीय में अक्सर भाजपा को निशाने पर लिया जाता रहा है। मुख्यमंत्री फडणवीस की दिल्ली यात्रा पर भी टिप्पणी करते हुए सामना के संपादकीय में आज कहा गया है कि अपना कार्यकाल पूरा करने जा रहे मुख्यमंत्री जब भयंकर धुंध से जूझ रही दिल्ली से मुंबई आ गए हैं, तो उन्हें यहां की स्थिति साफ करने के लिए कुछ कदम उठाने चाहिए। महाराष्ट्र की दिशा उनके द्वारा उठाए गए कदमों पर ही निर्भर करेगी। क्योंकि सरकार बनना न सिर्फ देश के लिए, बल्कि महाराष्ट्र की जनता के लिए भी जरूरी है।

इस बीच खबर है कि शिवसेना से महाराष्‍ट्र में सरकार गठन को लेकर अब आरएसएस से हस्‍तक्षेप करने का आग्रह किया है। खबर के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के करीबी शिवसेना नेता किशोर तिवारी ने पत्र लिखकर आरएसएस के सरसंघचालक (प्रमुख) मोहन भागवत से हस्‍तक्षेप करने का अनुरोध किया है। साथ ही भाजपा को फिर गठबंधन धर्म की याद दिलाई है। बता दें कि देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह से मुलाकात की। समाचार एजेंसी पीटीआइ आधिकारिक बयान के हवाले से बताया है कि बैठक में फडणवीस ने केंद्रीय गृहमंत्री से उन किसानों के लिए केंद्र से आर्थिक मदद की मांग की जिनकी फसलें भारी बारिश की चपेट में आकर बर्बाद हो गई हैं।

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