यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
वक्फ बोर्ड के पास कितनी है जमीन, कब बना इससे जुड़ा कानून, अंग्रेजों ने इसे क्यों बताया था अवैध?
Waqf Act amendment केंद्र सरकार वक्फ अधिनियम में बदलाव कर सकती है। सरकार इसी हफ्ते संसद में संशोधन विधेयक ला ...और पढ़ें

HighLights
- इसी हफ्ते विधेयक ला सकती है सरकार।
- वक्फ बोर्ड की शक्तियों हो सकती कटौती।
- एक्ट की कुछ धाराएं हो सकती हैं निरस्त।
जागरण, नई दिल्ली। केंद्र सरकार वक्फ एक्ट में बदवाव की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि संसद के मौजूदा सत्र में ही इसको लेकर विधेयक पेश किया सकता है। आइये जानते हैं वक्फ एक्ट कब बना था और वक्फ बोर्ड के पास कितनी संपत्ति है और वक्फ क्या है?
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वक्फ अरबी भाषा का शब्द है, जिसका मतलब होता है खुदा के नाम पर अर्पित वस्तु या परोपकार के लिए दिया गया धन। इसके दायरे में चल और अचल दोनों तरह की संपत्तियां आती हैं। कोई भी मुस्लिम व्यक्ति पैसा, जमीन, मकान या कोई और कीमती चीज वक्फ को दान कर सकता है। इन संपत्तियों के रख-रखाव और उनका प्रबंधन करने के लिए स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक वक्फ निकाय हैं।
क्या है वक्फ एक्ट 1954
वर्ष 1954 में जवाहर लाल नेहरू की सरकार के समय वक्फ एक्ट, 1954 पास किया गया, जिसका मकसद वक्फ से जुड़े कामकाज को सरल बनाना और जरूरी प्रविधान करना था। इस एक्ट में वक्फ की संपत्ति पर दावे से लेकर रख-रखाव तक को लेकर प्रविधान हैं।
1965 में हुआ संशोधन
एक्ट में दिए गए प्रविधानों के मुताबिक वर्ष 1964 में अल्पसंख्यक मंत्रालय के अधीन केंद्रीय वक्फ परिषद का गठन हुआ। यह वक्फ बोर्डों के कामकाज के मामलों में केंद्र सरकार को सलाह देती है। वर्ष 1995 में वक्फ एक्ट में बदलाव भी किया गया और हर राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में वक्फ बोर्ड बनाने की अनुमति दी गई।
वक्फ बोर्ड के पास कितनी संपत्ति
वक्फ बोर्ड जमीन के मामले में रेलवे और कैथोलिक चर्च के बाद तीसरे स्थान पर है। आंकड़ों के मुताबिक वक्फ बोर्ड के पास आठ लाख एकड़ से ज्यादा जमीन है। वर्ष 2009 में यह जमीन चार लाख एकड़ हुआ करती थी, जो कुछ वर्षों में बढ़कर दोगुनी हो गई है। इन जमीनों में ज्यादातर मस्जिद, मदरसा, और कब्रगाह हैं। दिसंबर 2022 तक वक्फ बोर्ड के पास कुल 8,65,644 अचल संपत्तियां थीं।
अंग्रेजों ने वक्फ को क्यों बताया था अवैध
वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को लेकर विवाद नया नहीं हैं। अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान वक्फ की संपत्ति पर कब्जे को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि यह लंदन स्थित प्रिवी काउंसिल तक पहुंचा। इसके बाद ब्रिटेन में चार जजों की बेंच बैठी और वक्फ को अवैध करार दे दिया। हालांकि इस फैसले को ब्रिटिश भारत की सरकार ने नहीं माना था।
