2 विधायकों के दम पर 3 दिन तक बनाए रखा असमंजस... तमिलनाडु में VCK ने विजय को कैसे उलझाया?
तमिलनाडु में विजय की पार्टी TVK ने 108 सीटें जीतीं, लेकिन बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता थी, जिससे ...और पढ़ें
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तमिलनाडु में VCK ने विजय को कैसे उलझाया? (फाइल फोटो)
HighLights
TVK ने 108 सीटें जीतीं, बहुमत के लिए 118 की आवश्यकता थी।
VCK के दो विधायकों ने समर्थन पर तीन दिन तक उलझाया।
अंततः VCK ने TVK को समर्थन दिया, विजय सीएम बनेंगे।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की टीवीके 108 सीटों पर चुनाव जीतकर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। जिसके बाद विजय ने गवर्नर के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया, लेकिन बहुमत का आंकड़ा पूरा नहीं हो पाने से उनके प्रस्ताव का ठुकरा दिया गया।
जिसके चलते पिछले दो दिनों से तमिलनाडु में राजनीतिक ड्रामा देखने को मिल रहा है। इस बीच ड्रामे के केंद्र में रही विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK) ने सिर्फ दो विधायकों के दम पर टीवीके के बहुमत समीकरणों को बार-बार उलझाया। क्योंकि विजय की पार्टी TVK बहुमत के आंकड़े 118 से मात्र दो सीट ही पीछे थी। हालांकि, अब वीसीके ने टीवेके को अपना समर्थन दे दिया है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि कैसे वीसीके ने टीवीके को संकट में ला दिया था।
थलापित विजय ने राजनीतिक मैदान में शानदार शुरुआत की है और अब तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री बनने के लिए अंतिम दो सीटें हासिल कर ली हैं, और एमजी रामचंद्रन, जे जयललिता, सीएन अन्नादुरई और एम करुणानिधि जैसे दिग्गज हस्तियों की राह पर चलते हुए सिनेमा जगत से मुख्यमंत्री बनने का सफर पूरा किया है।
लेकिन विजय को तब झटका लगा, जब इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और अम्मा मक्कल मुन्नेत्र कज़गम ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे टीवीके को अपना समर्थन नहीं देंगे। इसलिए सारा ध्यान VCK नेता विदुथलाई चिरुथाइगल काची और उनके दो निर्वाचित विधायकों पर केंद्रित हो गया, जिन सीटों को टीवीके अपनी मुट्ठी में मान रही थी।
वीसीके का डीएमके को समर्थन
एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि वीसीके और वामपंथी नेताओं ने बुधवार को डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन से विजय के पक्ष में शामिल होने की संभावना पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की। जिसके बाद स्टालिन ने तीनों पार्टियों को हरी झंडी दे दी है। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि प्रत्येक पार्टी अपने हित में कार्य करने के लिए स्वतंत्र है।
वीसीके ने दिया था संकेत
वीसीके और वामपंथी दलों ने विजय के समर्थन को लेकर आंतरिक वार्ता की। सीपीआई और सीपीएम शुरू में अनिश्चित दिखे और उन्होंने संकेत दिया कि वे 'बाहरी समर्थन' के समीकरण को प्राथमिकता दे सकते।
वहीं, बैठकों के पहले दौर के बाद वीसीके प्रमुख थिरुमावलवन ने केवल इतना कहा कि जल्द ही फैसला करेंगे और संकेत दिया कि यह निर्णय वामपंथी दलों के जवाब पर निर्भर हो सकता है। जिसके कारण गुरुवार को टीवीके में तनाव का माहौल बना रहा।
मुख्यमंत्री की उड़ने लगी अफवाहें
जैसे-जैसे दिन ढलता गया, स्थितियां बदलती हुई प्रतीत हुईं। वामपंथियों ने अधिक स्पष्ट उत्तर दिया - 'हां, हम टीवीके का अंदर से समर्थन करेंगे'। खबरों के मुताबिक, पार्टी ने मंत्रिमंडल में एक पद की मांग के अलावा थिरुमावलवन के लिए उपमुख्यमंत्री का पद भी मांगा। और फिर, हैरानी की बात यह है कि उनके मुख्यमंत्री बनने की भी अफवाहें उड़ने लगीं।
119 हो गई थी सीटें
गौरतलब है कि कांग्रेस की पांच और वामपंथी दलों की चार सीटों के साथ टीवीके की दो सीटें जुड़कर विजय के पास सदन में 11 सहयोगी दल और 119 सीटें हो गईं। यह पर्याप्त था। शुक्रवार की सुबह होते ही, वीसीके एक बार फिर सुर्खियों में आ गया और थिरुमावलवन ने कहा, 'हम टीवीके का समर्थन करेंगे।'
फिर आईयूएमएल पीछे हट गया, एएमएमके ने भी अपना समर्थन देने से मना कर दिया। वहीं तीन दिनों तक उलझाने के बाद वीसीके ने आखिरकार शनिवार शाम को टीवीके को अपना समर्थन पत्र सौंप दिया।
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