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जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ भारत की सख्त कार्रवाई और वहां चल रही भावी तैयारियों को देखते हुए पाकिस्तान में हड़कंप मचा हुआ है। सिर्फ पाकिस्तान की सेना ही नहीं बल्कि वहां के विदेश मंत्री भी भारत के खिलाफ अनर्गल आरोप लगाने में जुट गये हैं।

पिछले दिनों नियंत्रण रेखा के आस-पास छिपे आतंकियों के अड्डों पर भारत की कार्रवाई को लेकर भी पड़ोसी देश में जबरदस्त बेचैनी है। विदेश मंत्री शाह मेहमूद कुरैशी ने तो शातिर चाल चलते हुए कश्मीर में भारत की कार्रवाई को अफगानिस्तान को लेकर चल रही शांति वार्ता से जोड़ दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर कश्मीर के हालात बिगड़ते हैं तो इसका सीधा असर अफगानिस्तान को लेकर चल रहे शांति प्रयासों पर पड़ेगा।

कश्मीर को लेकर भारत की तैयारियों को लेकर पाकिस्तान की मीडिया पहले से ही कई तरह की बिना सिर पैर की खबरें दे रही थी, लेकिन शनिवार को उनकी सरकार का भी संयम जवाब दे गया।

सबसे पहले कुरैशी ने यह ट्वीट किया कि भारतीय सेना नियंत्रण रेखा पर निर्दोष नागरिकों की हत्या कर रही है। यह सीधे तौर पर जेनेवा संधि और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।

इसके तुरंत बाद पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता ने बेहद भड़काऊ बयान जारी किया कि अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करते हुए भारत कलस्टर बम का प्रयोग कर रहा है। कोई भी हथियार कश्मीरियों के आत्मनिर्णय के अधिकार को नहीं छीन सकता। कश्मीर हर पाकिस्तानी के लहू में बहता है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसे अधिकारिक तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन सूत्रों ने इसे बिना सिर पैर का आरोप करार दिया है। दूसरी तरफ, भारतीय सेना की तरफ से साफ किया गया है कि सीमा पार से भारत में आतंकियों की घुसपैठ कराने की किसी भी कोशिश का करारा जवाब देने को वह तैयार है।

भारत को इस बात की पुख्ता जानकारी मिली है कि नियंत्रण रेखा के पास आतंकियों के कुछ नए लांच पैड तैयार किये गये हैं जहां से उनकी घुसपैठ कराने की तैयारी है। भारत उन्हें ले कर ऐहतियाती कदम उठा रहा है। सूत्रों की तरफ से यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री और वहां के सेना के प्रवक्ता ने जो तस्वीरें साझा किये हैं उनकी प्रमाणिकता को लेकर भी संदेह है।

कश्मीर में हाल के दिनों में भारत की तरफ से अतिरिक्त सैन्य बल तैयार कराने से सशंकित कुरैशी ने शनिवार को पाकिस्तान के कई टीवी चैनलों से बात की और अपने बयान साझा किये। कुरैशी ने भारत पर युद्ध का माहौल बनाने का आरोप लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा है कि वह कश्मीर व नियंत्रण रेखा (एलओसी) के हालात पर गौर करें।

उन्होंने कहा है कि अगर कश्मीर को लेकर भारत व पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ता है तो यह सीधे तौर पर अफगानिस्तान शांति वार्ता पर असर डालेगा। चूंकि अफगानिस्तान शांति वार्ता के लिए अमेरिका के विशेष राजदूत जाल्मे खलीलजाद शुक्रवार को पाकिस्तान में ही थे और शनिवार को वह दोहा पहुंचे हैं, ताकि सभी पक्षकारों से बातचीत आगे बढ़े।

इस तरह से कुरैशी ने बेहद शातिर रवैया अपनाते हुए पूरे मामले में अमेरिका को भी घसीटने की कोशिश की है। सनद रहे कि हाल के दिनों में अमेरिका की तरफ से कश्मीर में हस्तक्षेप करने की बात जो कही गई है उसके पीछे भी उसकी अफगानिस्तान को लेकर मजबूरियों को ही बताया जा रहा है।

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Posted By: Bhupendra Singh

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