यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
राजनाथ सिंह और देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव को किया फोन, मांगा समर्थन; संजय राउत का बड़ा दावा
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए एनडीए ने सी.पी. राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है जबकि इंडी गठबंधन ने बी. सुदर्शन रेड्डी को ...और पढ़ें

HighLights
- 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए होगा मतदान।
- एनडीए ने सी.पी. राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति पद के लिए 9 सितंबर को चुनाव होना है। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए एनडीए ने सी.पी. राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, इंडी गठबंधन की ओर से बी. सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाया गया है।
इस बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को गुरुवार को फोन किया। इस दौरान उन्होंने एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन के लिए समर्थन मांगा।
संजय राउत ने कर दिया बड़ा दावा
शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस बारे में जानकारी दी है। दरअसल, पत्रकारों से बात करते हुए शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे को फोन किया और उन्होंने (राधाकृष्णन के पक्ष में) वोट देने का अनुरोध किया। उन्होंने दूसरों से भी ऐसा किया होगा। यह उनका काम है। हालांकि, इस दौरान संजय राउत ने यह नहीं बताया कि उद्धव ठाकरे को कब फोन किया गया था।
एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को बनाया है प्रत्याशी
बता दें कि तमिलनाडु के अनुभवी भाजपा नेता राधाकृष्णन ने बुधवार को एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। वहीं, गुरुवार को इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी ने नामांकन दाखिल किया।
गौरतलब है कि रेड्डी को विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में चुनने के कदम ने उपराष्ट्रपति के चुनाव को दिलचस्प बना दिया है। ये मुकाबला अब दक्षिण बनाम दक्षिण का हो चला है।
चुनाव में कौन-कौन होगा शामिल?
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल होते हैं। संसद के उच्च सदन के मनोनित सदस्य भी मतदान कर सकते हैं। निर्वाचक मंडल की प्रभावी संख्या 781 है और बहुमत का आंकड़ा 391 है। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
