भोपाल, राज्य ब्यूरो। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने मतांतरण के खिलाफ सख्त केंद्रीय कानून की हिमायत की है। उन्होंने कहा, देश में लालच, दबाव और धोखे से मतांतरण कराया जा रहा है। मध्य प्रदेश सहित कुछ राज्यों ने इसे रोकने के लिए कानून बनाए हैं पर यह समस्या व षड्यंत्र राष्ट्रव्यापी है इसलिए इलाज भी अखिल भारतीय होना चाहिए।

केंद्र सरकार मतांतरण रोकने के लिए बनाए सख्त कानून

केंद्र सरकार संसद के आगामी सत्र में मतांतरण रोकने के लिए सख्त केंद्रीय कानून बनाए। तभी इस अभिशाप से मुक्ति मिलेगी। मतांतरण कराने वाले व्यक्तियों को जेल भेजने और संगठनों पर जुर्माना लगाने के सख्त प्रविधान हों।

विहिप ने कहा- मतांतरण पर रोक लगे

आलोक कुमार रविवार को यहां विहिप के मध्यभारत प्रांत की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बाद में मीडिया से चर्चा में उन्होंने बताया कि मतांतरण के कई षड्यंत्र उजागर हुए हैं। लव जिहाद इसका सबसे घिनौना प्रकार है। अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों को प्रलोभन देकर मत परिवर्तन कराने के कई मामले आ चुके हैं। मत परिवर्तन कराकर देश में विवाह न हों और मतांतरण पर रोक लगे, इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने भी केंद्रीय कानून बनाने संबंधी निर्देश दिए थे।

आलोक कुमार ने कहा- मठ-मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त होना चाहिए

आलोक कुमार ने कहा कि परिषद ने हिंदू मठ-मंदिरों को सरकार के नियंत्रण से मुक्त करने के लिए केंद्रीय कानून बनाने का प्रस्ताव भी पारित किया है। मठ-मंदिर न केवल आस्था अपितु चिरंजीवी शक्ति के केंद्र व हिंदू समाज की आत्मा हैं। समाज को स्वयं इनकी देखभाल व संचालन का दायित्व मिलना चाहिए। हमने केंद्र सरकार से कहा है कि आप गुरुद्वारे, मस्जिद और चर्च का नियंत्रण नहीं करते हैं। मंदिरों का नियंत्रण केंद्रीय कानून बनाकर हिंदू समाज को सौंपना चाहिए।

आलोक कुमार ने कहा- जरूरत तक एससी-एसटी के लोगों का आरक्षण जारी रहना चाहिए

आरक्षण से जुड़े एक प्रश्न पर उन्होंने कहा कि हमारा मत है कि अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों का आरक्षण तब तक चलते रहना चाहिए, जब तक उन्हें इसकी जरूरत है। इस दौरान श्रीराम मंदिर निर्माण निधि समर्पण अभियान की चित्र स्मारिका का विमोचन किया गया।

अयोध्या में भूमि से जुड़े विवाद पर विहिप हर जांच के लिए तैयार

अयोध्या में भूमि से जुड़े विवाद को लेकर उन्होंने कहा कि हम हर जांच के लिए तैयार हैं। उन्होंने जाकारी दी कि श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए निधि संग्रहण सहित अन्य माध्यमों से लगभग साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये संग्रहित हुए हैं।

Edited By: Bhupendra Singh