नई दिल्‍ली, एएनआइ। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि हम अफगानिस्तान से बलों की वापसी के बाद अफगान के लोगों के लिए और क्षेत्रीय स्थिरता का समर्थन करने के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे। हमारे पास न केवल एक मजबूत दूतावास है बल्कि महत्वपूर्ण कार्यक्रम भी हैं जो अफगानिस्‍तान को विकास और सुरक्षा सहायता के माध्यम से आर्थिक रूप से समर्थन करते रहेंगे।

अफगानस्तिान में तालिबान की बढ़ती ताकत पर उन्‍होंने कहा कि तालिबान जिला केंद्रों में आगे बढ़ रहा है। उनके द्वारा अफगानिस्तान में अत्याचार करने की खबरें हैं। यह बहुत परेशान करने वाला है। यह निश्चित रूप से अफगानिस्‍तान को लेकर उनके इरादे के बारे में उनके दृष्टिकोण को नहीं दर्शाता है। हम अफगानिस्तान में अभी भी लगे हुए हैं।

उन्‍होंने कहा कि भारत में वापस आकर खुशी हो रही है। कोरोना ने अमेरिका और भारत दोनों को बहुत बुरी तरह प्रभावित किया। भारत ने हमें महामारी में सहायता प्रदान की। उस सहायता को हम नहीं भूलेंगे। हमने अफगानिस्तान सहित क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा की।

 उन्‍होंने कि हम अपने स्‍थापना के समय के दस्तावेज़ के बारे में बात की। एक अधिक संपूर्ण संघ की खोज कर रहे हैं जिसका अर्थ है कि हम पूर्ण नहीं हैं। हमारा प्रयास उन आदर्शों के करीब जाना है जो हम अपने लिए निर्धारित करते हैं। कभी-कभी, चुनौती दर्दनाक और बदसूरत होती है, लेकिन लोकतंत्र के रूप में, हम इसे खुले तौर पर करते हैं।

क्‍वाड के सवाल पर उन्‍होंने कहा कि क्वाड क्या है? यह काफी सरल है लेकिन उतना ही महत्वपूर्ण है। चार समान विचारधारा वाले देश समय के कुछ सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम करने के लिए एक साथ आ रहे हैं जो लोगों के जीवन पर वास्तविक प्रभाव डालने जा रहे हैं और इस तरह से एक स्वतंत्र और खुले हिंद प्रशांत सुनिश्चित करेंगे।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि हमारे साझा मूल्य अमेरिका और भारत के संबंधों को मजबूत करते हैं। हमारे देश की तरह भारत का लोकतंत्र भी अपने स्वतंत्र विचार वाले नागरिकों द्वारा संचालित है। हम इसकी सराहना करते हैं। हम भारतीय लोकतंत्र को एक स्वतंत्र और खुले तौर पर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक स्वतंत्र और खुले विश्व की रक्षा में भलाई के लिए एक ताकत के रूप में देखते हैं।

उन्‍होंने कहा कि दोस्तों (भारत और अमेरिका) के रूप में हम इन मुद्दों के बारे में बात करते हैं। हम उन चुनौतियों के बारे में बात करते हैं, जो हमारे लोकतंत्र को नवीनीकृत और मजबूत करने में हमारे सामने आती हैं। नम्रता से हम एक दूसरे से सीख सकते हैं। कोई भी लोकतंत्र चाहे कितना भी पुराना या बड़ा क्यों न हो, सभी आकड़े सामने आते हैं।

संयुक्त प्रेस वार्ता में विदेश मंत्री डॉ.एस.जयशंकर ने कहा कि अफगानिस्तान के लिए ये जरूरी है कि शांति चर्चाओं को सभी गंभीरता से लें। दुनिया एक स्वतंत्र, संप्रभु, लोकतांत्रिक और स्थिर अफगानिस्तान देखने की कामना करती है। उन्‍होंने कहा कि हमने आज वैक्सीन को वैश्विक स्तर पर उपलब्ध कराने और सस्ता बनाने के लिए इसका उत्पादन बढ़ाने पर अपना ध्यान केंद्रित किया।

 

Edited By: Arun Kumar Singh