नई दिल्ली, पीटीआइ। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बताया कि हज यात्रा के लिए 6-7 जून को पहली फ्लाइट शुरू हो जाएगी। नकवी ने कहा कि सब्सिडी हटाने के बावजूद हज यात्रियों पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ा है। इससे पता चलता है कि हज सब्सिडी को लेकर बीते कई दशकों से राजनीतिक छल किया जा रहा था।

उन्होंने कहा कि बिना सब्सिडी के हज होने के बाद भी हज यात्रा महंगी नहीं हुई है। हज यात्रियों की यात्रा सफल हो, सुलभ हो, सस्ती हो इसके लिए मजबूती के साथ काम हुआ है।

'हज के लिए भारत का कोटा अधिक'

हज 2022 ट्रेनिंग के दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि भले ही इस साल सऊदी अरब द्वारा सभी देशों के तीर्थयात्रियों का कोटा कोविड प्रतिबंधों के कारण कम कर दिया गया हो, लेकिन भारत का हज कोटा अभी भी कई देशों की तुलना में अधिक है। उन्होंने बताया कि हज यात्रियों के लिए भारत का कोटा 79,237 है। भारत के बाद सबसे ज्यादा इंडोनेशिया (1,00,051) और पाकिस्तान (81,132) का कोटा ज्यादा है।

हज के लिए प्राइवेट टूर संबंधित याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इंकार

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को अल इस्लाम टूर कार्पोरेशन (Al Islam Tour Corporations) की ओर से दायर याचिका पर विचार करने से इंकार कर दिया। इस याचिका में हज 2022 के लिए प्राइवेट टूर आपरेटर्स ने अनुमति मांगी है। जस्टिस अब्दुल नजीर और पामिदिगन्तम श्री नरसिम्हा की बेंच ने अल इस्लाम टूर कार्पोरेशन की याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया। इसके बाद याचिकाकर्ता ने मांग की कि उन्हें इस बात की अनुमति मिले कि वे अपनी याचिका को संबंधित हाई कोर्ट में दायर कर सकें। कोर्ट ने कहा कि ऐसी ही एक याचिका पिछले माह आई थी जिसे खारिज कर दिया गया। उस वक्त कोर्ट ने कहा था कि यह याचिका एक माह पहले आनी चाहिए थी। याचिकाकर्ता अल इस्लाम टूर कार्पोरेशंस ने अपनी याचिका एडवोकेट शाहिद अनवर के जरिए दायर की थी।

Edited By: Manish Negi