नई दिल्‍ली, एजेंसियां। नई दिल्ली, एएनआइ। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने शुक्रवार को बताया कि विज्ञान एवं तकनीकी मंत्रालय विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization, WHO) के साथ मिलकर कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए वैक्सीन विकसित करने की कोशिश कर रहा है। राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस में डॉ. हर्षवर्धन ने उक्त जानकारी दी। 

लॉकडाउन का पालन नहीं कर रहे लोग 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा, 'मेरा मानना है कि जब तक हम वैक्सीन विकसित नहीं कर लेते तब तक हमें शारीरिक दूरी और लॉकडाउन नियमों का पालन करने की जरूरत है। ये सोशल वैक्सीन हैं। हमें सुरक्षा उपायों का पालन करने की जरूरत है।' केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने शिकायत की कि विभिन्न राज्यों में लोग लॉकडाउन की भावना का पालन नहीं कर रहे हैं। 

लॉकडाउन का सौ फीसद पालन कराएं 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, 'हम कई राज्यों की तस्वीरें देख रहे हैं जहां लोग लॉकडाउन के प्रावधानों का पालन नहीं कर रहे हैं। मैं सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों से अनुरोध करता हूं कि आप अपने राज्यों में लॉकडाउन का सौ फीसद पालन सुनिश्चित कराएं। अगर हम इसमें पिछड़ गए तो कोविड-19 के खिलाफ इस लड़ाई को जीतना हमारे लिए कठिन हो जाएगा।' 

15 हजार करोड़ का पैकेज जारी 

हर्षवर्धन ने बताया कि कोरोना वायरस संकट से निपटने के लिए केंद्र ने 15 हजार करोड़ रुपये के पैकेज का एलान किया है और सभी राज्यों को 4,100 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा, 'हर राज्य को दूसरे राज्य की अच्छी चीजों का अनुपालन करना चाहिए। मैं सभी राज्यों के स्वास्थ्य अधिकारियों से अनुरोध करता हूं कि वे ताजा गाइडलाइंस और सुझावों के लिए नियमित तौर पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की वेबसाइट का अवलोकन करते रहे।' 

हॉटस्पॉट की हुई पहचान 

हर्षवर्धन ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में हॉटस्पॉट की पहचान कर ली गई है और कंटेनमेंट जोन को लागू कर दिया गया है। हमें प्रभावित जिलों में डेडिकेटेड कोविड-19 अस्पतालों को अधिसूचित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की वजह से गर्भवती महिलाओं और नवजातों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा स्वैच्छिक रक्तदान भी प्रभावित नहीं होना चाहिए।

200 से भी ज्यादा लैब्‍स में हो रही जांच 

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने बताया कि देश के 400 जिलों में अभी तक कोरोना वायरस का एक भी केस सामने नहीं आया है। कोरोना हॉटस्‍पाट के तहत 133 जिले सामने आए हैं। सरकार इन जिलों पर अपनी रणनीति के साथ काम कर रही है। उन्‍होंने कहा कि सरकार ने पुणे में एक लैब से कोरोना टेस्टिंग की शुरुआत की थी जबकि इस समय 200 से भी ज्यादा लैब्‍स में इस महामारी की जांच हो रही है।

रक्तदान में कमी आई

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि कोरोना वायरस को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के चलते रक्तदान में कमी आई है। हमने फैसला किया है कि रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए जहां-जहां संभव हो दाताओं से ब्लड उनके घर पर ही जाकर लिया जाए या तो उनको घर से उनको बुलाकर रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया जाए। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने बताया कि सरकार ने कोरोना महामारी के खात्‍में के लिए हर संभव योजना बनाई है।

Posted By: Krishna Bihari Singh

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