नई दिल्ली, प्रेट्र। गृह मंत्रालय ने तथ्यों को छुपाने के आरोप में तेलंगाना के टीआरएस विधायक रमेश चेन्नामनेनी की नागरिकता फिर रद कर दी। मामला भारतीय नागरिकता के लिए उनके आवेदन के ठीक पहले के 12 महीने के दौरान यात्राओं से संबंधित था। वेमुलवाडा से पिछले साल दूसरी बार विधायक चुने गए चेन्नामनेनी ने कहा कि हाई कोर्ट ने पहले सकारात्मक फैसला दिया था। वह सरकार के इस निर्णय को हाई कोर्ट में फिर चुनौती देंगे।

गृह मंत्रालय ने बुधवार को एक आदेश में कहा कि चेन्नामनेनी ने गलत बयानी करते हुए या तथ्य छुपाकर भारत सरकार को गुमराह किया। अगर, उन्होंने ये तथ्य बताया होता कि वह आवेदन करने के पहले एक साल भारत में नहीं रह रहे थे, तो मंत्रालय का सक्षम प्राधिकार उन्हें नागरिकता प्रदान नहीं करता।

आदेश में कहा गया है कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते चेन्नामनेनी की जिम्मेदारी बनती थी कि वह सच बताएं। उनका आचरण उन लोगों के लिए उदाहरण साबित होना चाहिए था, जिनका वह प्रतिनिधित्व करते हैं। मंत्रालय ने कहा कि अगर विधायक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती तो जनता में गलत संदेश जाता। लोग गलत धारणा बनाएंगे कि गलतबयानी करके और तथ्यों को छुपाकर भारतीय नागरिकता ली जा सकती है।

चेन्नामनेनी के पास जर्मन पासपोर्ट होने का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने तथ्यों को छुपाते हुए फर्जी कागजात के आधार पर भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया था।

गौरतलब है कि भाजपा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने एक ट्वीट कर जानकारी दी है कि केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने तेलंगाना के विधायक की भारतीय सदस्यता रद्द कर दी है। विधायक पर आरोप है कि उन्होंने चोरी-छिपे जर्मनी की नागरिकता ली हुई थी और इसकी जानकारी नहीं दी थी। सुब्रमण्यन स्वामी ने अपने ट्वीट में लिखा कि क्या बुद्धा की नागरिकता का मामला अगल होगा?  स्वामी के इस ट्वीट पर लोगों ने प्रतिक्रिया देते हुए बुद्धा के बारे में पूछा कि वह किसकी बात कर रहे हैं? 

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