यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'दूरदर्शन पर टेलीकास्ट न हो द केरल स्टोरी', CM पिनाराई विजयन का दावा- फिल्म को दिखाने से बढ़ेगा सांप्रदायिक तनाव
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने दूरदर्शन ने विवादास्पद फिल्म की स्क्रीनिंग वापस लेने की गुजारिश की। उन्होंने कहा कि ...और पढ़ें

HighLights
- 'द केरल स्टोरी' को लेकर पिनाराई विजयन ने जताई आपत्ति।
- दूरदर्शन ने घोषणा की है कि यह फिल्म 5 अप्रैल को प्रसारित की जाएगी।
- भाजपा-आरएसएस गठबंधन की प्रचार मशीन नहीं बने दूरदर्शन: पिनाराई विजयन
पीटीआई, तिरुवनन्तपुरम। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने गुरुवार को 'द केरल स्टोरी' (The Kerala Story) के प्रसारण के दूरदर्शन के फैसले की निंदा की।
वहीं, उन्होंने दूरदर्शन ने विवादास्पद फिल्म की स्क्रीनिंग वापस लेने की गुजारिश की। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले इस फिल्म को दिखाने से सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने दूरदर्शन से यह भी कहा कि वह भाजपा और आरएसएस के लिए 'प्रचार मशीन' न बनें। दूरदर्शन ने घोषणा की है कि यह फिल्म 5 अप्रैल को प्रसारित की जाएगी।
ऐसी फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं होनी चाहिए: पिनाराई विजयन
केरल के मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा,"ध्रुवीकरण को उकसाने वाली फिल्म 'केरल स्टोरी' को प्रसारित करने का @DDNational का निर्णय बेहद निंदनीय है।
राष्ट्रीय समाचार प्रसारक को भाजपा-आरएसएस गठबंधन की प्रचार मशीन नहीं बनना चाहिए और ऐसी फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं होनी चाहिए जो आम चुनाव से पहले सांप्रदायिक तनाव बढ़ा सकती है। विजयन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा,"केरल नफरत फैलाने के ऐसे दुर्भावनापूर्ण प्रयासों का विरोध करने में दृढ़ रहेगा।"
भाजपा केरल के समाज में पैठ बनाने में असमर्थ:सीपीआई(एम)
सीपीआई (एम) के राज्य सचिवालय ने आरोप लगाया कि भाजपा ने विवादास्पद फिल्म को प्रदर्शित करने का फैसला किया क्योंकि आम चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वह अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने की उम्मीद कर रही है क्योंकि भाजपा केरल के समाज में पैठ बनाने में असमर्थ थी।
सीपीआई (एम) ने कहा, "यह केरल को चुनौती देने जैसा है। जब यह रिलीज हुई थी तो केरल में जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ था। सेंसर बोर्ड ने खुद ही फिल्म से 10 दृश्य हटा दिए थे।" साल 2023 में जब यह फिल्म रिलीज हुई तो सीपीआई (एम) और कांग्रेस ने इसका कड़ा विरोध किया था।
