नई दिल्ली, प्रेट्र। देश में कोरोना वायरस के मामलों में अचानक वृद्धि से जूझते हुए सरकार ने शुक्रवार को स्वास्थ्य प्रणाली की विस्तृत समीक्षा की और साथ ही 21 दिन के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन से उत्पन्न स्थिति का आकलन किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रियों के एक समूह द्वारा यह समीक्षा की गई। इसमें केंद्रीय मंत्रिमंडल के कई प्रमुख सदस्य-गृह मंत्री अमित शाह, खाद्य मंत्री रामविलास पासवान, रेल मंत्री पीयूष गोयल, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान और सूचना-प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर शामिल थे।

कोरोना की बढ़ती संख्या से निपटने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया

अधिकारियों ने कहा कि मंत्रियों ने कोरोना वायरस के मामलों की बढ़ती संख्या से निपटने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया। साथ ही लॉकडाउन के दौरान दवा और आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा की। सरकारी सूत्रों ने कहा कि देशभर में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति का जायजा लिया गया, जो सुचारु रूप से चल रहा है। ट्रकों और मालवाहक गाडि़यों से खाद्य सामग्री की लोडिंग और अनलोडिंग में मजदूरों की कमी से उत्पन्न कठिनाइयों के निदान पर भी चर्चा हुई।

राज्य सरकारों द्वारा स्थापित अस्थायी शेल्टरों में प्रवासी कामगारों की हो रही देखभाल

सूत्रों ने कहा कि प्रवासी कामगारों के आवागमन पर मंत्रियों ने कहा कि इस मुद्दे को सुलझा लिया गया है और राज्य सरकारों द्वारा स्थापित अस्थायी शेल्टरों में उनकी देखभाल की जा रही है। बैठक में रसायन और उर्वरक मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा, कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी, जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी शामिल थे। मंत्रियों ने हजारों स्वास्थ्य पेशेवरों, पुलिस, अर्धसैनिक और सशस्त्र बलों की कड़ी मेहनत और देशभर में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने में लगे लोगों की सराहना की।

Posted By: Arun Kumar Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस