जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। शपथ के दूसरे दिन लोकसभा में जय हिंद, भारत माता की जय, इंकलाब जिंदाबाद, जय श्रीराम, अल्लाह ओ अकबर और जय काली के नारे खूब गूंजे। भाजपा की बेंच की तरफ से भारत माता की जय और जय श्रीराम के नारे की आवाज सुनाई देती रही। इसके जबाव में असदुद्दीन ओवैसी ने अल्लाह ओ अकबर और तृणमूल मूल कांग्रेस के कई सांसदों ने जय काली का नारा लगाया।

शपथ लेने के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नारेबाजी ने आने वाले समय में सदन की कार्यवाही के दौरान होने वाले तीखे नोकझोंक का संकेत भी दे दिया। वैसे तो शपथ लेने के दौरान नारेबाजी की शुरूआत भोपाल से सांसद बनी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने भारत माता की जय का नारा लगाकर दिया। लेकिन इसके बाद जो सिलसिला शुरू हुआ वह मंगलवार को पूरे दिन जारी रहा। शपथ लेने के लिए जब असदुद्दीन ओवैसी का नाम पुकारा गया तो भाजपा की बेंच से जय श्रीराम के नारे लगने लगे।

इससे चिढ़े ओवैसी ने शपथ लेने के बाद 'जय भीम, जय मीम, तकबीर अल्लाह ओ अकबर, जय हिंद' का नारा लगाया। बाद में उन्होंने कहा कि ये अच्छी बात है कि मुझे देखने के बाद उन्हें ऐसी चीजें याद आती हैं, लेकिन उम्मीद करता हूं कि उन्हें संविधान और मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत भी याद आती रहेंगी। वही संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर रहमान बर्क ने शपथग्रहण के बाद विवादस्पद बयान देते हुए कहा कि वे वंदे मातरम नहीं कहेंगे क्योंकि यह इस्लाम के खिलाफ है।

भाजपा सांसदों ने इसका तीखा प्रतिवाद किया। ध्यान रहे कि सत्र की समाप्ति के वक्त भी वंदे मातरम बजाया जाता है। खासकर चुनाव के दौरान तीखी लड़ाई वाले राज्यों के सांसदों में ज्यादा नारेबाजी देखी गई। चुनावी हिंसा से ग्रस्त रहे पश्चिम बंगाल में भाजपा सांसदों की ओर से भारत माता की जय और जय श्रीराम के नारे लगे, तो तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने जय काली का सहारा लिया।

भाजपा की सहयोगी एआइडीएमके को कड़े मुकाबले में अधिकांश सीटों पर पराजित करने में सफल रही डीएमके के सांसद जय अंबेडकर, जय पेरियार जैसे नारे लगाते रहे। 

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Posted By: Krishna Bihari Singh