नई दिल्ली, एएनआइ। सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि भूमि विवाद मामले की सुनवाई से पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने अदालत में एक दलील पेश दी है। कोर्ट के समक्ष अपनी दलील में उन्होंने कहा कि उन्हें अयोध्या के राम मंदिर-बाबरी मस्जिद स्थल पर प्रार्थना करने का मौलिक अधिकार है।मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की खंडपीठ ने स्वामी से मंगलवार को अदालत में मौजूद रहने के लिए कहा, जब  अयोध्या मामले की सुनवाई की जाएगी। स्वामी ने कोर्ट से इस मामले को अलग से सुनवाई के लिए अपील की लेकिन, रंजन गोगोई ने कहा कि 'आप कल(मंगलवार) को अदालत में आइए हम इसे देखेंगे।'

इससे पहले दिसबंर 2018 में सुब्रह्मण्यम स्वामी ने एक धार्मिक कार्यक्रम में कहा था कि नमाज कहीं भी पढ़ी जा सकती है, इसलिए अयोध्या का विवादित स्थल मुस्लिमों को छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा था कि आर्कियोलॉजिकल सर्वे में मंदिर होने की पुष्टि हो चुकी है, इसलिए मुसलमान समाज को अब इस जमीन पर दावा छोड़ देना चाहिए, ताकि राममंदिर का निर्माण हो सके।

अयोध्या में राम मंदिर विवाद पर भाजपा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी का कहना है था कि 1994 में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को कहा था कि अगर नीचे मंदिर पाया जाता है तो हिंदुओं की इच्छा के अनुसार चलना चाहिए। स्वामी ने कहा, 'साल 1994 में जब पीवी नरसिम्हा राव की सरकार के दौरान मुझे भी कैबिनेट दर्जा मिला हुआ था, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से (अयोध्या विवाद के) हल के बारे में पूछा था, तब प्रधानमंत्री ने एक बयान दाखिल कर विभिन्न हल बताए थे, जिनमें से एक था, 'अगर मंदिर के अवशेष पाए जाते हैं, तो हमें हिन्दुओं की इच्छा के अनुसार चलना चाहिए।'

Posted By: Mangal Yadav

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