नई दिल्‍ली, जेएनएन। विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर संसद के बाहर काफी सियासत हो रही है। कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव पर मोदी सरकार को घेरने की रणनीति बनाने में जुटी हुई है। गुरुवार सुबह सोनिया गांधी के घर कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी (सीपीपी) की बैठक हुई, इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मंत्रियों से मुलाकात की है।

यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने बुधवार को ही अविश्वास प्रस्ताव पर मोदी सरकार के खिलाफ घेराबंदी करनी शुरू कर दी थी। सोनिया गांधी ने अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा था कि कौन कहता है कि यूपीए के पास नंबर नहीं हैं? इसी रणनीति को और धार देने के लिए सीपीपी की बैठक हुई है। इस बीच डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने साफ कर दिया है कि वो टीडीपी द्वारा लाए अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करती है। उन्‍होंने कहा कि हम एआइएडीएमके से भी संसद में अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने का अनुरोध करते हैं। हालांकि शिवसेना ने अभी तक अपने पत्‍ते नहीं खोले हैं।

बता दें कि मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा स्पीकर सुमीत्रा महाजन ने तेलुगू देशम पार्टी के अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था। उधर, बीजेपी अपने संख्याबल को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है। भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीद जतायी है कि नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष की ओर से लाये गए अविश्वास प्रस्ताव पर शुक्रवार को होने वाले मत विभाजन में सरकार को 314 सांसदों का समर्थन मिलेगा। केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने दावा किया है कि बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के सदस्य शिवसेना विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ वोट देंगी।

Posted By: Tilak Raj