नई दिल्ली, एजेंसी। गांधी परिवार के लिए हाल ही में सुरक्षा में बदलाव किए गए। सरकार ने गांधी परिवार से एसपीजी सुरक्षा वापस लेने का फैसला लिया। सरकार के उच्‍च पदस्‍थ सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की बैठक में यह फैसला लिया गया। बताया गया अब गांधी परिवार के सदस्‍यों को (सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा) एसपीजी सुरक्षा के बजाए एसीआरपीएफ कमांडो की जेड प्‍लस सुरक्षा मिलेगी। इसके बाद सीआरपीएफ ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बच्चों राहुल और प्रियंका के सुरक्षा जिम्‍मेदारी को संभाल लिया। सीआरपीएफ की जेड प्‍लस सुरक्षा, जिसमें लगभग 100 कर्मियों द्वारा सुरक्षा कवर सुनिश्चित किया जाता है।

वर्तमान सरकार के सूत्रों की धारणा के मुताबिक गांधी परिवार को अब कम खतरा है और इस वजह से उनकी सुरक्षा को पहले से कम कर दिया गया। 1991 में श्रीलंकाई आतंकवादी समूह ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी थी। इसके बाद से ही गांधी परिवार को कड़ी सुरक्षा दी जा रही थी।

गांधी परिवार को 3,000 जवानों की फोर्स (एसपीजी) न केवल कमांडो सुरक्षा देती थी बल्कि इसमें वर्दी वाले एजेंट भी होते थे, जो उन जगहों की पहले से ही रेकी कर लेते थे जहां उनकी सुरक्षा में रहने वाले लोगों को जाना होता था। वहीं, कमांडोज घर पर भी तैनात रहते थे और जब कहीं बाहर जाना होता था तो तब वे साथ ही जाते थे। लेकिन, जेड प्लस सुरक्षा के तहत, दिल्ली पुलिस को सोनिया गांधी और राहुल गांधी के घरों का नियंत्रण सौंपा गया है।

स्पेशल बुलेट प्रूफ गाड़ियों गई, मिली 10 साल पुरानी कार

इसके साथ ही जब SPG सुरक्षा वापस ले गई तो स्पेशल बुलेट प्रूफ गाड़ियों भी गांधी परिवार की सुरक्षा से हटा ली गई। अब मिली है ऐसी कार जिसे 10 साल होने जा रहे हैं। स्पेशल बुलेट प्रूफ गाड़ियों की बजाए 9 साल पुरानी यानी 2010 की टाटा सफारी दी गई है। पहले SPG के तहत साथ सबसे मजबूत और स्मार्ट कमांडो मिलते थे। वहीं, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी रेंज रोवर गाड़ि‍यों का उपयोग करती थीं, जो हर धमाकों से बचाने में सक्षम थी, जबकि राहुल गांधी फॉर्च्यूनर कार का उपयोग करते थे।

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