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'नेहरू की गलतियों को स्वीकार करना जरूरी, लोकतंत्र विरोधी नहीं मोदी सरकार'; थरूर का बड़ा बयान

Published: Fri, 09 Jan 2026 09:30 AM (IST)

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केरल विधानसभा अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव में जवाहरलाल नेहरू पर अपने विचार रखे। उन्होंने नेहरू को ...और पढ़ें

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केरल विधानसभा अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव (KLIBF) भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल की चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वे नेहरू को लोकतंत्र के संस्थापक मानते हैं, लेकिन अंधभक्त नहीं हैं।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि नेहरू की गलतियों को स्वीकार करना आवश्यक है, लेकिन भारत की सभी समस्याओं के लिए अकेले उन्हें दोषी ठहराना अनुचित है।

नेहरू के सभी नीतियों का समर्थन नहीं करता...

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने आगे कहा कि मैं जवाहरलाल नेहरू का प्रशंसक हूं, लेकिन बिना सोचे-समझे उनका प्रशंसक नहीं हूं। मैं उनके विचार और दृष्टिकोण की बहुत प्रशंसा करता हूं और उनके प्रति गहरा सम्मान रखता हूं, हालांकि, मैं उनके सभी विचारों और नीतियों का शत प्रतिशत समर्थन नहीं कर सकता। उन्होंने कई ऐसे कार्य किए हैं, जिसमें वे अत्यंत प्रशंसा के पात्र हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नेहरू ने ही भारत में लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी, मैं यह नहीं कहूंगा कि मोदी सरकार लोकतंत्र विरोधी है, लेकिन वे निश्चित रूप से नेहरू विरोधी है। मोदी सरकार ने नेहरू को एक सुविधाजनक बलि का बकरा बना दिया गया है।

1962 के लिए नेहरू जिम्मेदार

नेहरू की गलतियों को स्वीकार करते हुए कांग्रेस सांसद थरूर ने कहा कि कुछ मामलों में नेहरू आलोचना का शिकार हो सकते हैं, उदाहरण के लिए, 1962 में चीन के खिलाफ मिली हार का कुछ श्रेय नेहरू के कुछ फैसलों को दिया जा सकता है।

वहीं, उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा अब जो करती है, वह यह है कि मुद्दे की परवाह किए बिना हर चीज के लिए नेहरू को दोषी ठहरा देती है।

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