मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। गृहमंत्री अमित शाह ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के सौ दिन की उपलब्धियां बताते हुए उसे राष्ट्रीय सुरक्षा, विकास और गरीब कल्याण का पर्याय बताया। वहीं सूचना व प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आर्थिक मंदी को लेकर जताई जा रही आशंकाओं को सिरे से खारिज करते हुए कहा जीडीपी में गिरावट अस्थायी है। देश की अर्थव्यवस्था की बुनियाद काफी मजबूत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही अर्थव्यवस्था के विकास की रफ्तार में तेजी आएगी।

रविवार को गुवाहाटी जाने के पहले अमित शाह ने ट्वीट कर सौ दिन पूरे करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत मंत्रिमंडल के सभी सहयोगियों को बधाई दी। शाह के इन सौ दिनों में धारा 370 और 35ए को हटाना, मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक के अभिशाप से मुक्त कराना, यूएपीए कानून को मजबूत कर देश की सुरक्षा को सुनिश्चित करना जैसे काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निर्णायक नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रहित के प्रति उनकी अटूट निष्ठा को दिखाता है।

शाह ने मोदी सरकार को दूसरे कार्यकाल की उपलब्धियों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस दौरान कई ऐसे निर्णय लिए गए हैं, जिसकी देशवासियों को 70 से इंतजार कर रहे थे। इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास के साथ-साथ गरीबों के कल्याण से जुड़े निर्णय शामिल हैं। यही कारण है कि मोदी सरकार आज देश के सभी वर्गो की आशाओं की प्रतीक बन गई है।

वहीं 100 दिन की उपलब्धियां बताने के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रकाश जावड़ेकर को सबसे अधिक जीडीपी की घटती रफ्तार और आर्थिक मंदी पर तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। लेकिन जावड़ेकर ने आर्थिक मंदी की आशंकाओं को सिरे से खारिज करते कहा कि पिछले पांच साल में अर्थव्यवस्था की विकास की रफ्तार सात फीसदी रही है और आगे भी यह रफ्तार जारी रहेगी।

उन्होंने जीडीपी में मौजूदा गिरावट को अस्थायी बताते हुए कहा कि कुछ अंतराल के बाद ऐसी स्थिति आती रहती है, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति काफी मजबूत है और जल्द ही विकास दर में तेजी देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि पिछले सौ दिनों में अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने की दिशा में कई अहम कदम उठाए गए हैं।

जावड़ेकर ने मोटर व्हेकिल एक्ट में संशोधन कर भारी जुर्माने के प्रावधान के फैसले को सही बताया। उनके अनुसार देश में हर साल चार लाख सड़क दुर्घटनाओं में डेढ़ लाख लोगों की मौत हो जाती है और पांच लाख लोग घायल हो जाते हैं। इसे रोकने के लिए कड़े कदम की जरूरत थी।

जावड़ेकर ने उम्मीद जताई कि जुर्माने की भारी रकम को देखते हुए लोग कानून का पालन करने लगेंगे। इससे न सिर्फ सड़क हादसों में कमी आएगी, बल्कि कानून का पालन होने के कारण चालान काटने की नौबत ही नहीं आएगी।

इस अवसर पर जावड़ेकर ने 'ऐतिहासिक जनादेश का सम्मान, कठोर परिश्रम और बड़े निर्णयों के 100 दिन' शीर्षक से एक पुस्तिका का विमोचन भी किया। पुस्तिका में कश्मीर में धारा 370 और 35ए को निरस्त करने को सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में बताया गया।

100 दिन की उपलब्धियों का सिलसिलेवार विवरण देते हुए इस पुस्तिका में बताया गया है कि मोदी सरकार के दौरान किस तरह भारत की प्रभाव पूरी दुनिया में बढ़ा है। जावड़ेकर ने कहा कि इसका सबसे बड़ा उदाहरण है कि धारा 370 खत्म करने के बाद पाकिस्तान के तमाम कोशिशों के बावजूद दुनिया के लगभग सभी देशों ने भारत का साथ दिया।

राहुल पर टिप्पणी से इनकार

प्रकाश जावड़ेकर ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के सौ दिन में कोई विकास नहीं होने के आरोप पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। इस संबंध में पूछे जाने पर जावड़ेकर ने कहा कि इन 100 दिनों में से 90 दिन तक जिनका पता ही नहीं था कि कहां हैं, उन पर टिप्पणी करना ठीक नहीं होगा। जावड़ेकर ने कहा कि मोदी सरकार का 100 दिनों का काम सबके सामने और उसे पूरा देश देख रहा है। 

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Posted By: Bhupendra Singh

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