नई दिल्ली, जेएनएन। मुंबई में भारी बारिश के बाद बिगड़े हालात ने 40 से ज्‍यादा लोगों की जान ले ली। आखिर मुंबई में इन बिगड़े हालात के लिए कौन जिम्‍मेदार है? क्‍या बारिश के कारण जिन लोगों की जान गई, उन्‍हें इंसाफ मिलेगा? ये कुछ ऐसे सवाल है, जिनका जवाब देने को कोई तैयार नहीं है। बृहन्न मुंबई कॉरपोरेशन (बीएमसी) पर पिछले काफी समय से काबिज शिवसेना ने भी बारिश से बिगड़े हालात से पल्‍ला झाड़ने में देर नहीं लगाई है। बुधवार को अपने मुखपत्र सामना के जरिये शिवसेना ने बारिश के दौरान पूरी व्यवस्था के चौपट हो जाने की जिम्मेदारी से पल्‍ला झाड़ने की कोशिश की है। सामना के सम्पादकीय में लिखा गया है कि पूरे जून की औसत बरसात केवल 24 घंटो में बरसेगी तो क्या होगा? पिछले 2-3 मुंबई, पुणे, कल्याण जैसे क्षेत्रो में अलग अलग मामलो में दीवार गिरने से करीब 43 मौत हो चुकी है।

विपक्ष पर आरोप लगाते हुए शिवसेना ने लिखा- देखिए, विपक्ष मुंबई में भारी बारिश के लिए शिवसेना और बीएमसी को जिम्मेदार ठहराता रहता है। उन्हें शिवसेना से एलर्जी है। हम भाग्यशाली हैं कि विपक्ष ने अभी भी यह नहीं कहा है कि हमने पिछले दो दिनों से मुंबई में इतनी भारी बारिश कराई। सरकार ने घटना में मरने वाले 5 लाख रुपये के मुआवजे की भी घोषणा की है। हालांकि, हर समय केवल बीएमसी को दोषी ठहराया जाता है।'

गौरतलब है कि बारिश के प्रलयंकारी रूप लेने के कारण मंगलवार को मुंबई बेबस सी हो गई। देश की आर्थिक राजधानी के कई हिस्सों में जल जमाव के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। रविवार से लगातार हो रही वर्षा के कारण रेल, हवाई सेवा एवं सड़क परिवहन पर बुरा असर पड़ा है। कई ट्रेनों और उड़ानों को रद कर दिया गया। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 52 उड़ानों को रद है और 54 को डाइवर्ट किया गया। दीवार ढह जाने से मुंबई में 22 लोगों की मौत हो गई। महाराष्ट्र के शेष हिस्से में वर्षा जनित घटनाओं में पिछले 24 घंटे के दौरान 14 लोगों की जान गई है।मौसम के बिगड़े हुए रुख को देखते हुए प्रशासन ने मंगलवार को स्कूल-कॉलेज बंद रखने की घोषणा की थी।

सोमवार-मंगलवार की मध्यरात्रि मुंबईवासियों ने तीन घंटे में ही करीब 400 मिलीमीटर बरसात का सामना किया। यदि 26 जुलाई, 2005 की बाढ़ का दिन छोड़ दिया जाय तो 1974 के बाद यह दूसरा मौका है, जब कुछ ही घंटों के भीतर मुंबई में इतनी अधिक बरसात हुई है। मंगलवार दोपहर तक 48 घंटों के दौरान मुंबई में 550 मिलीमीटर बरसात हुई है।मालाड के पिंपरीपाड़ा क्षेत्र में एक दीवार गिर जाने से कई लोग दब गए। इस घटना में 19 लोगों के मारे जाने की सूचना मिली है। कल्याण में एक उर्दू स्कूल की दीवार ढह जाने से तीन लोगों की मौत हो गई। चांदीवली इलाके में पानी के तेज बहाव के कारण 90 फुट चौड़ी सड़क गहरे गढ्डे में तब्दील हो गई। क्रांति नगर कुर्ला में 1000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है।

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Posted By: Tilak Raj