तिरुवनंतपुरम, प्रेट्र। केरल में मंदिरों के शीर्ष निकाय त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (टीडीबी) ने सबरीमाला भगवान अयप्पा के मुख्य पुजारी को शुद्धीकरण किए जाने के बारे में जवाब देने के लिए दो सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है। पहाड़ी पर स्थित मंदिर में मासिक धर्म उम्र की दो महिलाओं के दर्शन के बाद शुद्धीकरण किया गया था। दो महीने तक चले सालाना तीर्थयात्रा सत्र के समापन के बाद भगवान अयप्पा के मंदिर का पट बंद कर दिया गया है। इसके बाद इस तीर्थस्थल की देखरेख करने वाले टीडीबी का फैसला आया है। सालाना तीर्थयात्रा के दौरान युवा महिलाओं के मंदिर में प्रवेश के मुद्दे पर श्रद्धालुओं और परंपरावादी कार्यकर्ताओं ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए।

टीडीबी के अध्यक्ष ए. पद्मकुमार ने कहा कि स्पष्टीकरण देने के लिए जो समय दिया गया था वह सोमवार को समाप्त हो गया। तंत्री (मुख्य पुजारी) कंडरारु राजीवरु के आग्रह पर समयसीमा बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा, 'तंत्री सबरीमाला में हैं और 20 जनवरी तक तीर्थयात्रा सत्र में व्यस्त रहे। इसलिए टीडीबी ने मंदिर परिसर में शुद्धीकरण करने पर जवाब देने के लिए उन्हें और 15 दिनों का समय दिया है।'

टीडीबी प्रमुख ने कहा कि बोर्ड के पास मुख्य पुजारी से जवाब मांगने का पूरा अधिकार है। दो जनवरी को 42 वर्षीया बिंदू और 44 वर्षीया कनकदुर्गा ने भगवान अयप्पा के मंदिर में पूजा अर्चना की थी। तंत्री के निर्देश पर शुद्धीकरण के लिए मंदिर को बंद कर दिया गया। मंदिर की परंपरा भंग होने पर यह कदम उठाया जाता है। इस कदम के बाद मुख्यमंत्री पिनराई विजयन देवस्वम मंत्री कडकामपल्ली सुरेंद्रन एवं अन्य मंत्रियों ने राजीवरु की कड़ी आलोचना की थी।

Posted By: Ravindra Pratap Sing

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