नई दिल्ली एएनआइ। RSS से जुड़े भारतीय शिक्षा मंडल (BSM) ने अभिजीत बनर्जी को अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित करने के तरीके की आलोचना की। हालांकि, मंगलवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनर्जी से हुए मुलाकात को अच्छा बताया था और उन्हें शुभकामनाएं भी दी थी। बीएसएम के राष्ट्रीय आयोजन सचिव मुकुल कानिटकर ने कहा कि पुरस्कार सिद्धांत के आधार पर दिया गया था जो बार-बार विफल रहा है। उन्होंने कांग्रेस को Nyay को लागू करने के लिए भी कहा, जो एक योजना है जिसमें गरीब 20 फीसद परिवारों को 72,000 रुपये सालाना देने का वादा किया गया था, पार्टी शासित राज्यों में। 

बता दें कि बनर्जी ने 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के प्रमुख वादे Nyay योजना में मदद की थी।कानितकर ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि बनर्जी जिस नीति की वकालत कर रहे थे, वह पहले ही विफल हो चुकी है। फिर भी उन्हें नोबेल पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। यह ज्यादा खतरनाक है।

बनर्जी और कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए, कानितकर ने सुझाव दिया कि विपक्षी दल को राजस्थान, मध्य प्रदेश या पंजाब जैसे बड़े पार्टी शासित राज्यों में से एक में अपनी न्याय(Nyuntam Aay Yojana) योजना को लागू करना या लागू करने की कोशिश करनी चाहिए। कानितकर ने कहा कि अगर वे बनर्जी की राजनीति में विश्वास करते हैं, तो उन्हें इसे लागू करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि बनर्जी सही उम्मीदवार हैं जिन्हें एक अंतर्राष्ट्रीय साजिश के हिस्से के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

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