नई दिल्ली, प्रेट्र। जम्मू-कश्मीर पर ऐतिहासिक फैसले के बाद राष्ट्र के नाम प्रधानमंत्री के संबोधन की भाजपा ने सराहना की, जबकि कांग्रेस के मुताबिक इसमें न तो लोगों का भरोसा बढ़ाने जैसी कोई बात थी और न ही कोई प्रतिबद्धता नजर आई।

भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, पीएम ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास के लिए अपना नजरिया सामने रखा। कई ट्वीट के जरिये शाह ने कहा, इन क्षेत्रों में शांति, संपन्नता और जनकल्याण पीएम के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों के साथ अनुच्छेद 370 के कारण हमेशा धोखा हुआ है। सात दशकों तक इन क्षेत्रों को छला गया।

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी प्रधानमंत्री के संबोधन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अभूतपूर्व विकास का सिलसिला शुरू होने जा रहा है।

दूसरी ओर कांग्रेस के प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा, प्रधानमंत्री ने वही कहा है जो गृहमंत्री पहले कह चुके हैं। इससे जम्मू-कश्मीर के लोगों का भरोसा नहीं बढ़ा। शर्मा के मुताबिक दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र होने के नाते भारत के अंदर यह विश्वास होना चाहिए था कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को उनके बुनियादी अधिकारों से वंचित नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, राज्य के दो टुकड़े करने और उनका दर्जा घटाने का ऐसा कोई पहले का उदाहरण नहीं है।

उनके सहयोगी अभिषेक मनु सिंघवी ने हालांकि कहा, एक देश के रूप में भारत को प्रधानमंत्री का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि पूरे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भरोसे की बहाली फिर से हो सकेगी। भाकपा के महासचिव डी. राजा ने कहा, पीएम ने पुरानी बातें दोहराई हैं। उन्हें संसद में बयान देने से किसने रोका था।

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Posted By: Arun Kumar Singh

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