नई दिल्ली, प्रेट्र। व्हाट्सएप जासूसी मामले को लेकर बढ़ी हलचल के बीच सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को निजता के अधिकार की रक्षा को लेकर भारत की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि देश निजता के अधिकार को गंभीरता से लेता है और सूचना की निजता इसी का एक अभिन्न अंग है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत डाटा के क्षेत्र में उपनिवेशवाद को स्वीकार नहीं करेगा।

एकाधिकार को नहीं किया जाएगा स्वीकार

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि कोलंबो (श्रीलंका) में राष्ट्रमंडल देशों के विधि मंत्रियों के एक सम्मेलन में प्रसाद ने डाटा संरक्षण पर भारत का सख्त रुख दिखाते हुए कहा कि आंकड़ों (डाटा) पर कुछ देशों या कंपनियों के एकाधिकार को स्वीकार नहीं किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के दौर में डाटा डिजिटल अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाता है। प्रसाद ने कहा, 'भारत में हम निजता के अधिकार की रक्षा को गंभीरता से लेते हैं और सूचना की निजता इसका अभिन्न अंग है। इसका अर्थ है कि हर व्यक्ति का अपने डाटा और उसके व्यावसायिक उपयोग पर अपना नियंत्रण होना चाहिए।'

भारतीय पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता जासूसी का हुए शिकार

ऐसे समय में प्रसाद की यह टिप्पणी काफी अहमियत रखती है जब वाट्सएप ने हाल ही में कहा था इजराइली स्पाइयर 'पेगासस' से वैश्रि्वक स्तर पर जासूसी की गई। भारत के कुछ पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता भी इस जासूसी का शिकार बने हैं। प्रसाद ने सम्मेलन में कहा कि आंकड़ों पर आधारित अर्थव्यवस्था वाणिज्यिक उपयोग और रोजगार दोनों के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। भारत इस तथ्य को स्वीकार करता है कि विकासशील और अल्पविकसित देशों में बड़े पैमाने पर आंकड़ों का सृजन हो रहा है लेकिन उनके प्रसंस्करण का दावा सिर्फ बड़े देश ही कर रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि कुछ कंपनियों या देशों का आंकड़ों (डाटा) पर एकाधिकार कायम करने की कोशिश या डाटा आधिपत्य को स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रसाद ने कहा कि बड़े देश हो या छोटे दोनों के आंकड़ों की सुंप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए।

Posted By: Dhyanendra Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस