नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। देश को आतंकी घटनाओं से मुक्त करने के सरकार के संकल्प को दोहराते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश को भरोसा दिलाया कि 12 साल पहले हुए मुंबई आतंकी घटना को अंजाम देना अब लगभग नामुमकिन है। पिछले छह साल में सरकार ने दृढ़ इच्छाशक्ति और इरादे के साथ ढांचा इतना दुरुस्त कर दिया है कि आतंकी के आका भी डरे हुए हैं। पहले पाकिस्तान में बैठे आतंकी जानते थे कि वह बचे रहेंगे क्योंकि भारत अंतरराष्ट्रीय मंचो से आलोचना के सिवाय कुछ नहीं करेगा। लेकिन उरी के बाद सर्जिकल स्ट्राइक, पुलवामा के बाद बालाकोट एअर स्ट्राइक ने उन्हें सहमा दिया है। वह जानते हैं कि बच नहीं पाएंगे।

पिछले छह साल में राष्‍ट्रीय सुरक्षा में हुए बड़े बदलाव

गुरुवार को एक कार्यक्रम में राजनाथ ने कहा कि पिछले छह साल मे राष्ट्रीय सुरक्षा में युगपरिवर्तन हुआ है। पहले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर अलग अलग विचार किया जाता था। अब देश की संपूर्ण सुरक्षा हमारी प्राथमिकता में आता है। बारह साल पहले मुंबई घटना को कोई स्वाभिमानी देश नहीं भूल सकता है। उस दिन आतंकियों ने भारत की संप्रभुता को चुनौती दी थी और यह हर्ष का विषय है सुरक्षा बलों ने एक को भी जिंदा नहीं जाने दिया था। चुनौतियों को देखते हुए ही पिछले छह साल में बड़े परिवर्तन हुए हैं और यह कहा जा सकता है कि वैसी घटना अब लगभग नामुमकिन है।

आतंकवाद के खिलाफ 360 डिग्री पर कार्रवाई

राजनाथ ने हाल में आतंकियों की घुसपैठ का जिक्र करते हुए कहा कि सीमापार से कुछ आतंकी उसी मंशा से घुसे थे लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें वहीं ढेर कर दिया। राजनाथ ने कहा कि अब आतंकवाद के खिलाफ 360 डिग्री पर कार्रवाई हो रही है। अब हम सीमापार जाकर आतंकियों के ठिकाने को ध्वस्त करते हैं। पहले सिर्फ डोजियर दिया करते थे, अब हम सीधी कार्रवाई भी कर सकते हैं। भारत ने कूटनीतिक दबाव भी बनाया है जिसके कारण पाकिस्तान आतंक की नर्सरी के रूप मे बेनकाब हुआ है।

पाकिस्‍तान की आतंकवाद की नर्सरी के रूप में उजागर

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत के खिलाफ पाकिस्तान के आतंकवाद के मॉडल को ध्वस्त किया जा रहा है, इसलिए वह बार-बार सीमा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहा है। दुनिया में पाकिस्‍तान को आतंकवाद की नर्सरी के रूप में उजागर किया गया है। यह वैश्विक मंचों पर पीएम मोदी द्वारा आतंकवाद के खिलाफ बनाई गई राय के कारण है। यही कारण है कि पाकिस्‍तान एफएटीएफ (FATF) के रडार पर है।

एक और पड़ोसी आए दिन विवाद खड़ा करता है

कार्यक्रम में उन्होंने चीन पर भी सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि 'पाकिस्तान की तरह ही एक और पड़ोसी आए दिन विवाद खड़ा करता है।' उन्होंने कहा कि सीमा को लेकर भारत और चीन के बीच सोच का मतभेद है। लेकिन ऐसे समझौते हैं जिसके तहत दोनों देश की सेनाएं पेट्रोलिंग करती हैं। समस्या तब होती है जब इन समझौतों को नजरअंदाज किया जाता है। लेकिन भारत ने सेना को पूरी छूट दे रखी है कि एलएसी पर किसी तरह के बदलाव की कोशिश हो तो विरोध करें। गलवन मे भी यही हुआ था। भारत कभी भी देश के स्वाभिमान से समझौता नहीं करेगा।

 

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