नई दिल्ली [प्रेट्र]। राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों को रिहा करने की राज्य सरकार की सिफारिश गृह मंत्रालय को भेज दी है। गृह मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय का न्यायिक प्रभाग मामले की कानूनी स्थिति की जांच कर इस पर जल्द फैसला लेगा।

राज्य सरकार ने अनुच्छेद-161 का हवाला देते हुए कहा था कि राज्यपाल केपास किसी दोषी व्यक्ति की सजा को कम करने या उसे रिहा करने संबंधी पर्याप्त अधिकार होते हैं। इसके बाद नौ सितंबर को तमिलनाडु कैबिनेट ने राज्यपाल से पूर्व प्रधानमंत्री के सभी सात हत्यारों को रिहा करने की सिफारिश की थी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने छह सितंबर को तमिलनाडु के राज्यपाल से राजीव गांधी की हत्या में दोषी एजी पेरारिवलन की दया याचिका पर विचार करने को कहा था।

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड में सातों दोषी पिछले 27 साल से जेल में बंद हैं। तमिलनाडु सरकार ने मई 2016 में राजीव गांधी के हत्यारों को माफी देने के लिए केंद्र सरकार को सिफारिश की थी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट में भी गुहार लगाई थी। केंद्र ने राज्य सरकार के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। साथ ही केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि राजीव गांधी के हत्यारों की सजा कम करने से खतरनाक नजीर बनेगी। इसका अंतरराष्ट्रीय असर भी नहीं होगा।

सात लोग हैं दोषी

राजीव गांधी की 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरुंबदूर में आत्मघाती हमले में मौत हो गई थी। हमलावर की पहचान धनु के रूप में हुई थी। धमाके में धनु समेत 14 लोगों की मौत हुई थी। इस हत्याकांड के सातों दोषी- पेरारिवलन, मुरुगन, शंतन, रॉबर्ट पायस, नलिनी, जय कुमार और रविचंद्रन जेल में हैं। जेल में बंद पेरारीवलन ने संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत राज्यपाल के पास दया याचिका दायर की है।

Posted By: Vikas Jangra