जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कुछ दिनों पहले बल्ले से इंदौर के एक अधिकारी की पिटाई करने वाले भाजपा के विधायक और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र आकाश विजयवर्गीय को खामियाजा भुगतना पड़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसे आचरण से क्षोभ जताते हुए न सिर्फ ऐसे लोगों को पार्टी से निकालने का सुझाव दिया है। बल्कि ऐसे लोगों का समर्थन करने वालों पर भी कार्रवाई की बात कही है।

जाहिर है कि आने वाले दिन आकाश के लिए भारी गुजरेंगे। 17वीं लोकसभा के गठन के बाद पहली संसदीय दल बैठक में प्रधानमंत्री का रुख सख्त था। एक तरफ जहां आकाश विजयवर्गीय का मामला था वहीं दूसरी तरफ सांसद में सदस्यों की कम मौजूदगी से वह नाराज थे। भाजपा के सांसद राजीव प्रताप रूड़ी के अनुसार प्रधानमंत्री ने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि अमर्यादित आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार उन्होंने आकाश के उस कथन पर भी आश्चर्य जताया जिसमें उसने कहा था- पहले निवेदन फिर आवेदन और फिर दनादन। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी प्रतिनिधि ऐसा आचरण कैसे कर सकता है। यह मनमानी नहीं चलेगी। उन्होंने कहा- भाजपा को कई लोगों ने खून पसीने के साथ यहां तक पहुंचाया है और कुछ लोग इस तरह का आचरण करते हैं जो समाज में अस्वीकार्य है। ऐसे लोगों को पार्टी ने बाहर कर देना चाहिए और उन लोगों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जो इनका समर्थन करते हैं।

उन्होंने कहा कि अगर कोई गलती करता है तो उसके लिए पश्चाताप भी होनी चाहिए, लेकिन उसका स्वागत किया जाना बहुत गलत है। इस दौरान कैलाश विजवर्गीय भी बैठक में मौजूद थे। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री का यह बयान जहां सीधे तौर पर आकाश के लिए था और संभव है कि बहुत जल्द कार्रवाई भी शुरू होगी। वहीं दूसरे सांसदों के लिए भी चेतावनी थी।

आकाश को नोटिस देकर कार्रवाई की शुरूआत होगी। बताते हैं कि प्रधानमंत्री ने तीन तलाक विधेयक पेश किए जाने के दौरान सांसदों की कम मौजूदगी को लेकर भी नाराजगी जताई और आगाह किया कि पूरी तैयारी के साथ संसद मे आएं। जनहित से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखें। चूंकि यह पहली संसदीय दल बैठक थी लिहाजा प्रधानमंत्री के साथ साथ भाजपा अध्यक्ष व गृहमंत्री अमित शाह तथा नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा का भी स्वागत किया गया।

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