नई दिल्ली [प्रेट्र]। सरकार ने पेट्रोल, डीजल के बढ़ते दाम से उपभोक्ताओं को राहत देने के लिये उत्पाद शुल्क में कटौती की संभावनाओं को खारिज कर दिया है। सरकार ने कहा है कि राजस्व वसूली में किसी तरह की कटौती की उसके पास बहुत कम गुंजाइश है। मंगलवार को पेट्रोल में 16 पैसे और डीजल में 19 पैसे की बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल 79.31 रुपये और डीजल 71.34 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट के चलते आयात महंगा हो रहा है। सरकार को लगता है कि इससे चालू खाते का घाटा लक्ष्य से ऊपर निकल सकता है। ऐसे में वह पेट्रोल, डीजल पर उत्पाद शुल्क कम करके राजकोषीय गणित के साथ छेड़छाड़ नहीं करना चाहती।


पेट्रोल और डीजल में आई इस तेजी को कम करने के लिए उत्पाद शुल्क में कटौती की मांग उठी है। इन दोनों ईंधन के दाम में करीब आधा हिस्सा केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लिया जाने वाला कर होता है। भारतीय मुद्रा, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 71.54 के रिकार्ड निम्न स्तर तक गिर गई, जिसकी वजह से आयात महंगा हो गया।

उधर, पेट्रोल, डीजल के दाम में निरंतर वृद्धि पर टिप्पणी करते हुए पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि पेट्रोल, डीजल की कीमतों में निरंतर वृद्धि अपरिहार्य नहीं है। इन ईधन पर अत्यधिक करों की वजह से दाम ऊंचे हैं। यदि करों में कटौती की जाती है तो कीमतें काफी कम हो जाएंगी।

Posted By: Vikas Jangra