सरकार बनाने के लिए विजय का नया प्लान: इस पार्टी से मांगा समर्थन, रिसॉर्ट में शिफ्ट हो रहे विधायक
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सियासी हलचल तेज है। अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके बहुमत के लिए अन्य दलों ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने अब एक और विधायक का समर्थन हासिल करने की कोशिश शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक टीवीके ने टीटीवी दिनाकरन की पार्टी अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) के इकलौते विजयी विधायक कमराज एस से संपर्क किया है।
टीवीके की यह कोशिश ऐसे समय में सामने आई है जब सरकार गठन को लेकर राज्यपाल आरवी अर्लेकर और पार्टी के बीच गतिरोध बना हुआ है। सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल अभी इस बात से आश्वस्त नहीं हैं कि टीवीके पर्याप्त बहुमत के बिना स्थिर सरकार चला पाएगी। हालांकि पार्टी नेताओं का दावा है कि उन्हें जल्द जरूरी समर्थन मिल जाएगा।
AIADMK ने बढ़ाई सतर्कता
#WATCH | AIADMK General Secretary Edappadi K Palaniswami arrives at a private resort in Puducherry's Poorankuppam, where 28 Tamil Nadu AIADMK MLAs are currently accommodated as per media reports. pic.twitter.com/HSPJ18ihBO
— ANI (@ANI) May 7, 2026
इसी बीच एआईएडीएमके ने भी अपने विधायकों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। पार्टी महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी पुडुचेरी के पूरनकुप्पम स्थित एक निजी रिजॉर्ट पहुंचे, जहां मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तमिलनाडु के 28 एआईएडीएमके विधायकों को ठहराया गया है। माना जा रहा है कि पार्टी अपने विधायकों को टूट-फूट और संभावित राजनीतिक दबाव से बचाने के लिए यह कदम उठा रही है।
बहुमत के लिए अभी भी चाहिए समर्थन
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके ने बड़ा उलटफेर करते हुए डीएमके और एआईएडीएमके के 62 साल पुराने दबदबे को खत्म कर दिया। पार्टी ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीती हैं। सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत है, यानी विजय को अभी भी 10 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है।
कांग्रेस पहले ही टीवीके को समर्थन देने का एलान कर चुकी है, जिससे विजय के खाते में पांच और विधायक जुड़ गए हैं। इसके अलावा टीवीके ने डीएमके के सहयोगी दलों जैसे वीसीके और वामपंथी दलों से भी संपर्क साधा है।
वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने कहा कि उनकी पार्टी की उच्चस्तरीय समिति शुक्रवार को बैठक करेगी और उसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा। वामपंथी दल भी अपने-अपने स्तर पर बैठक कर समर्थन को लेकर निर्णय लेंगे।
डीएमके और एआईएडीएमके की भी नजर
इस बीच कार्यवाहक मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने अपने छोटे सहयोगी दलों को राजनीतिक हितों के हिसाब से फैसला लेने की छूट दे दी है। डीएमके का कहना है कि राज्य में दोबारा चुनाव से बचना और स्थिर सरकार बनाना उसकी प्राथमिकता है। पार्टी ने एमके स्टालिन को आपात फैसले लेने का अधिकार भी दिया है।
डीएमके ने अपने सभी विधायकों को फिलहाल चेन्नई में ही रुकने को कहा है। वहीं एआईएडीएमके ने अपने कुछ नवनिर्वाचित विधायकों को पुडुचेरी के एक रिजॉर्ट में भेज दिया है। पार्टी को आशंका है कि कहीं उनके विधायक टीवीके के समर्थन में न चले जाएं।
राज्यपाल से नहीं बनी बात
विजय ने बुधवार शाम राज्यपाल आरवी अर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था, लेकिन वह राज्यपाल को पर्याप्त समर्थन होने का भरोसा नहीं दिला सके। गुरुवार सुबह दोनों की फिर मुलाकात हुई।
सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल ने विजय से पूछा कि बिना स्पष्ट बहुमत के वह सरकार कैसे चलाएंगे और कौन-कौन सी पार्टियां उन्हें समर्थन देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने भविष्य में मिलने वाले संभावित समर्थन को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा। बताया जा रहा है कि विजय ने फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार होने की बात कही, लेकिन राज्यपाल ने शपथ लेने से पहले बहुमत साबित करने की शर्त रख दी है।
