नई दिल्ली, प्रेट्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उत्तर भारत में प्रदूषण की गंभीर स्थिति पर चर्चा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। इससे पहले पीएम के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने रविवार और सोमवार को दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के उच्च अधिकारियों से चर्चा की थी।

पीएमओ ने ट्वीट किया, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में प्रदूषण के कारण पैदा हुए हालात पर चर्चा हुई।' पीएमओ के अनुसार मोदी ने पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में चक्रवात की स्थिति पर भी समीक्षा की।

चक्रवात 'महा' के लिए तैयारी की समीक्षा 

प्रधानमंत्री द्वारा चक्रवात 'महा' के लिए तैयारी की समीक्षा किए जाने से एक दिन पूर्व राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति ने गुजरात, महाराष्ट्र तथा दमन एवं दीव में तैयारियों की समीक्षा की थी। छह नवंबर की रात यह चक्रवात द्वारका और दीव पहुंचने वाला है। जिला प्रशासनों को अलर्ट पर रखा गया है और मछली पकड़ने की गतिविधियां फिलहाल टाल दी गई हैं।

पीएमओ ने राज्‍यों के साथ की थी बैठक

इससे पहले प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने रविवार और सोमवार को पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के साथ यह बैठक वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए की। इनमें तीनों राज्यों के मुख्य सचिव मौजूद थे। करीब घंटे भर चली इस बैठक में पीएमओ ने तीनों ही राज्यों से रविवार को दिए गए निर्देशों पर अमल को लेकर जानकारी मांगी। उन्‍होंने निर्देश दिया कि पराली का जलना तुरंत बंद कराना होगा।

हालांकि इस दौरान पंजाब ने इसमें कमी का दावा किया, लेकिन बैठक शुरू होने के कुछ घंटे पहले सेटेलाइट इमेज से ली गई तस्वीर ने उनके सारे दावों की पोल खोल दी। जिसमें बड़े पैमाने पर पराली जलने के मामले रिपोर्ट किए गए थे। पंजाब ने पराली जलने की घटनाओं पर रोकथाम के लिए प्रत्येक जिले में डिप्टी कमिश्नर स्तर के अधिकारी की तैनाती की जानकारी दी। दिल्ली ने भी प्रदूषण पर रोकथाम के लिए तीन सौ टीमें उतारने की जानकारी दी। इनके अतिरिक्त करीब आधा सैकड़ा टीमें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी उतारी है। 

Posted By: Arun Kumar Singh

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