नई दिल्‍ली, एजेंसियां। देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के चलते ऑक्‍सीजन की किल्‍लत हो गई है। ऑक्‍सीजन की आपूर्ति को दुरुस्‍त करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद कमान संभाल ली है। प्रधानमंत्री मोदी ऑक्सीजन की आपूर्ति की समीक्षा करने और इसकी उपलब्धता को बढ़ाने के तरीकों और साधनों पर चर्चा करने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की। समाचार एजेंसी एएनआइ ने प्रधानमंत्री कार्यालय यानी पीएमओ के हवाले से बताया कि इस बैठक में अधिकारियों ने पीएम मोदी को पिछले कुछ हफ्तों में ऑक्सीजन की आपूर्ति में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों पर जानकारी दी।

प्रधानमंत्री कार्यालय (Prime Minister's Office, PMO) ने बताया कि इस बैठक में पीएम मोदी ने अधिकारियों से ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए तीन उपाय बताए। पहला ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़ाने, दूसरा उपाय ऑक्‍सीजन के वितरण की गति तेज करने और तीसरा स्वास्थ्य सुविधाओं यानी अस्‍पतालों तक ऑक्‍सीजन की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए तेज गति से काम करने को कहा... 

इस बैठक में अधिकारियों की ओर से प्रधानमंत्री को बताया गया की ऑक्‍सीजन की मांग की पहचान करने और उसकी पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्यों के साथ समन्वय किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा वक्‍त में देश के 20 राज्‍यों में रोजाना 6,785 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत है जिसके जवाब में 21 अप्रैल से रोजाना इन राज्यों को 6,822 मीट्रिक टन ऑक्‍सीजन की आपूर्ति की गई है।  

प्रधानमंत्री को यह भी जानकारी दी गई कि पिछले कुछ दिनों में निजी और सार्वजनिक इस्पात संयंत्रों, उद्योगों और ऑक्सीजन निर्माताओं के योगदान से लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की उपलब्धता में रोजाना 3,300 मीट्रिक टन दिन की वृद्धि हुई है। अधिकारियों ने पीएम को सूचित किया कि वे जल्द से जल्द पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों के संचालन के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि राज्यों को ऑक्‍सीजन की आपूर्ति सुचारू, निर्बाध तरीके से हो।

पीएम मोदी ने अधिकारियों को ऑक्‍सीजन का उत्पादन और आपूर्ति बढ़ाने के तरीके तलाशने के भी निर्देश दिए।प्रधानमंत्री ने राज्यों को निर्बाध और बगैर किसी परेशानी के ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश भी दिए। यही नहीं प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों को ऑक्सीजन की जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने को भी कहा। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इस बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव, गृह सचिव, स्वास्थ्य सहित अन्य मंत्रालयों और विभागों तथा नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। 

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