नई दिल्ली, प्रेट्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंसानों और आर्टिफिशिएल इंटेलीजेंस (AI) के बीच सही संतुलन और दोनों की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा है कि बहस तकनीक के संभावित नकारात्मक पहलुओं पर नहीं बल्कि इस पर होनी चाहिए कि एआइ कैसे एक सेतु का काम करे। एन. चंद्रशेखरन और रूपा पुरुषोत्तम की पुस्तक ब्रिजिटल नेशन की लांचिंग के अवसर पर पीएम ने कहा, हमारा जोर इस पर होना चाहिए कि कैसे मांग के अनुरूप कौशल को निखारा जाए। एआइ को एक नई मदद के रूप में लेने की जरूरत है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत के जनसांख्यिकीय लाभ के लिए तकनीक को एक चुनौती के रूप में पेश करने की साजिश चल रही है। ऐसे में हमें इसे खतरे के रूप में नहीं, बल्कि मानवीय इरादों को पूरा करने के लिए एक माध्यम के रूप में लेने की जरूरत है।

पीएम मोदी बोले, उज्जवला योजना  पर कई लोगों ने उठाए थे सवाल

पीएम मोदी ने कहा कि बीते 5 वर्षों में टेक्नोलॉजिकल इंटर्वेंशन से भारत में गवर्नेंस को कैसे रिफॉर्म और ट्रांसफॉर्म किया है।  इसको आप महसूस कर पा रहे हैं।  इसके साथ ही उन्होंने भारत सरकार की अतिलोकप्रिय योजना को लेकर कहा कि हमारे देश में एलपीजी गैस कनेक्शन देने की योजना, सब्सिडी देने का काम दशकों से चल रहा है। हमने जब उज्जवला योजना को लॉन्च किया तो, कई लोगों को लगा कि शायद ये भी वैसी ही योजना होगी, जैसी बनती आई हैं।

बैंक बाबू में बदले डाकिया

डाक सेवा पर पीएम मोदी ने कहा कि डाक संगठन  के लिए प्रौद्योगिकी द्वारा उत्‍पन्‍न व्यवधान को एक प्रौद्योगिकी सघन बैंकिंग प्रणाली में बदल दिया गया है। जिससे डाक बैंक के माध्यम से लाखों लोग लाभान्वित हुए हैं। जिसने डाकिया को बैंक बाबू में बदल दिया है।

डिजिलीकरण पर पीएम मोदी ने कहा कि हमने देश के हर गांव को डिजिटली मैप से जोड़ा है । इस डेटा को दूसरे डेटा प्वाइंट्स से जोड़ा गया है। जैसे सेल रिपोर्ट, एलपीजी पेट्रोलियम, पॉपुलेशन, सोशियो इकोनॉमिक कंडीशन इन सबको एनालाइस किया गया है।

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Posted By: Dhyanendra Singh

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