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PM Modi in Gujarat: बनास डेयरी ने बनाया किसानों को सशक्त, लोकल को ग्लोबल बनाने की दिशा में अच्छा कदम- पीएम मोदी

PM Modi in Gujarat Live Updates पीएम नरेन्द्र मोदी गुजरात के बनासकांठा में हैं। मोदी तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं। मोदी ने बनासकांठा में नया डेयरी काम्प्लेक्स और आलू प्रसंस्करण संयंत्र का उद्गाटन किया। इसे 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया है।

By Manish NegiEdited By: Published: Tue, 19 Apr 2022 08:47 AM (IST)Updated: Tue, 19 Apr 2022 12:37 PM (IST)
तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर पीएम मोदी, कई परियोजनाओं की दी सौगात

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। पीएम नरेन्द्र मोदी के गुजरात दौरे का आज दूसरा दिन है। मंगलवार सुबह बनासकांठा पहुंचे पीएम मोदी ने कई योजनाओं की सौगात दी। मोदी ने बनासकांठा के दियोदर में डेयरी परिसर, आलू प्रोसिसंग यूनिट और चीज़ और व्हे प्लांट के अलावा कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह के बाद उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित भी किया। पीएम मोदी ने कहा कि शायद जीवन में पहली बार अवसर आया होगा कि एक साथ डेढ़, दो लाख माताएं बहनें आज मुझे यहां आशीर्वाद दे रही हैं। हम सबको आशीर्वाद दे रही हैं।

मोदी ने आगे कहा कि बनास डेयरी संकुल, Cheese और Whey प्लांट, ये सभी तो डेयरी सेक्टर के विस्तार में अहम हैं ही, बनास डेयरी ने ये भी सिद्ध किया है कि स्थानीय किसानों की आय बढ़ाने के लिए दूसरे संसाधनों का भी उपयोग किया जा सकता है। बनास डेयरी में विकास पहल किसानों को सशक्त बनाएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी। हम यहां अनुभव कर सकते हैं कि कैसे सहकारी आंदोलन आत्मानिर्भर भारत अभियान को ताकत दे सकता है।

बीते 1-2 घंटों में मैं यहां अलग-अलग जगहों पर गया और डेयरी सेक्टर से जुड़ी सरकारी योजनाओं की लाभार्थियों और पशु पालन बहनों से मेरी विस्तार से बात हुई। इस पूरे समय के दौरान मुझे जो जानकारियां दी गई उससे मैं बहुत प्रभावित हूं। भारत में गांव की अर्थव्यवस्थाओं को, माताओं-बहनों के सशक्तिकरण को कैसे बल दिया जा सकता है, सहकार कैसे आत्मनिर्भर भारत के अभियान को ताकत दे सकता है, ये सब कुछ यहां अनुभव किया जा सकता है।

गोबरधन के जरिए हासिल हो रहे कई लक्ष्य

मोदी ने कहा कि गोबरधन के माध्यम से एक साथ कई लक्ष्य हासिल हो रहे हैं। एक तो इससे गांवों में स्वच्छता को बल मिल रहा है, दूसरा, इससे पशुपालकों को गोबर का भी पैसा मिल रहा है। आज यहां एक बायो-CNG प्लांट का लोकार्पण किया गया है और 4 गोबर गैस प्लांट्स का शिलान्यास हुआ है। ऐसे अनेक प्लांट्स बनास डेयरी देशभर में लगाने जा रही है। ये कचरे से कंचन के सरकार के अभियान को मदद करने वाला है।

ताकत बन रहा विद्या समीक्षा केंद्र

गुजरात आज सफलता और विकास की जिस ऊंचाई पर है, वो हर गुजराती को गर्व से भर देता है। इसका अनुभव मैंने कल गांधीनगर के विद्या समीक्षा केंद्र में भी किया। गुजरात के बच्चों के भविष्य को, हमारी आने वाली पीढ़ियों को संवारने के लिए विद्या समीक्षा केंद्र एक बहुत ताकत बन रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में पूरे देश में विद्या समीक्षा केंद्र बड़े परिवर्तन ला सकता है। मैं भारत सरकार के संबंधित मंत्रालयों और अधिकारियों से भी कहूंगा कि विद्या समीक्षा केंद्र अवश्य अध्ययन करें। विभिन्न राज्यों के सम्बंधित मंत्रालय भी गांधीनगर आएं, इसकी व्यवस्था का अध्ययन करें। विद्या समीक्षा केंद्र जैसा आधुनिक व्यवस्था का लाभ देश के जितने ज्यादा बच्चों को मिलेगा, उतना ही भारत का भविष्य उज्ज्वल बनेगा। हमारी सरकारी प्राथमिक शाला के लिए इतनी बड़ी टेक्नोलॉजी का उपयोग दुनिया के लिए एक अजूबा है। मैं इस सेक्टर से पहले से जुड़ा रहा हूं, लेकिन कल मैं विशेष तौर पर गांधीनगर में इसे देखने गया था।

बनासकांठा में बना नया डेयरी काम्प्लेक्स और आलू प्रोसेसिंग प्लांट

बता दें कि नया डेयरी काम्प्लेक्स और आलू प्रसंस्करण संयंत्र 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया है। नया डेयरी काम्प्लेक्स एक ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है। इस डेयरी काम्प्लेक्स में रोजाना 30 लाख लीटर दूध को प्रोसेस किया जा सकेगा। इसके अलावा यहां 80 टन मक्खन, एक लाख लीटर आइसक्रीम, 20 टन खोया और 6 टन चाकलेट का उत्पादन होगा। आलू प्रसंस्करण संयंत्र विभिन्न प्रकार के प्रसंस्कृत आलू उत्पादों का उत्पादन करेगा, जैसे फ्रेंच फ्राइज, आलू के चिप्स और आलू टिक्की, अन्य चीजों के साथ पैटीज, इनका कई अन्य देशों में निर्यात किया जाएगा।

डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर फार ट्रेडिशनल मेडिसिन का करेंगे शिलान्यास

दोपहर करीब साढ़े तीन बजे पीएम मोदी जामनगर में डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर फार ट्रेडिशनल मेडिसिन (जीसीटीएम) का शिलान्यास करेंगे। इस दौरान मारीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख ट्रेडोस अढानम घेब्रेयेसस भी मौजूद रहेंगे। जीसीटीएम दुनिया भर में पारंपरिक चिकित्सा के लिए पहला और एकमात्र वैश्विक केंद्र होगा। यह ग्लोबल वेलनेस के अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में उभरेगा।


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