जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। तीन राज्यों के हालिया चुनाव के बाद किसान बड़ा मुद्दा बन गया है। एक तरफ जहां कांग्रेस की ओर से कर्ज माफी का पासा फेंक दिया गया वहीं सरकार के स्तर पर भी राहत देने को लेकर मंथन तेज है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह समझाने की कोशिश की कि उनकी सरकार केवल चुनावी वादे नहीं करना चाहती, बल्कि हमेशा के लिए समृद्ध करना चाहती है। उन्होंने तंज किया कि कांग्रेस सरकारों ने अन्नदाता को मतदाता बनाकर छोड़ दिया था, लेकिन भाजपा उन्हें समृद्ध बनाना चाहती है।

राष्ट्रीय परिषद की बैठक में मोदी ने कहा कि नई और आधुनिक व्यवस्थाओं के निर्माण में थोड़ा वक्त लगता है। का निर्माण कर रही है। इसमें थोड़ा समय लगता है। समझाते हुए उन्होंने कहा- नहर बनते वक्त वह एक गढ्डा सा ही दिखता है लेकिन उसके बनने के बाद लाभ नजर आता है। लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य मिलने लगा है। पहले दाल की कीमत को लेकर शोर मचाया जा रहा था। अब क्या कोई खबर आती है क्योंकि सरकार ने उत्पादन की स्थिति बनाई।

'पिछली सरकार ने पांच साल में 7 लाख टन दलहन और तिलहन की खरीद की थी। हमने साढ़े चार साल में राजग सरकार ने 95 लाख टन खरीद की है। अभी भी बहुत कुछ करना है। ऋण का बोझ भी है और लागत भी बढ़ रही है। लेकिन जितनी बड़ी चुनौती उतना बड़ा प्रयास होगा।' 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो इसके लिए हम दिन रात जुटे हैं।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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