जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पाकिस्तान में पकड़े गये दो भारतीयों के साथ क्या वहां की एजेंसियां कुलभूषण जाधव जैसा ही कुछ करना चाह रही हैं? अभी तक पाकिस्तान की जांच एजेंसियां जिस तरह का व्यवहार कर रही हैं उसे देखते हुए इस बात की आशंका मजबूत हो रही है।

भारत ने पाक को दी थी जानकारी

प्रशांत वैंदन और बारी लाल की गिरफ्तारी का खुलासा पाकिस्तान की तरफ से सोमवार को किया गया है जबकि भारत ने कम से कम एक वर्ष पहले ही इनके गलती से पाकिस्तान सीमा में घुस जाने की जानकारी वहां की सरकार को दी थी। पाकिस्तान ने इसकी जांच की और सही पाया, उन्हें छोड़ने की सूचना भारत को दी गई थी।

अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले के बाद बदला पाक का रवैया

प्राप्त सूचना के मुताबिक उक्त दोनों को 5 अगस्त, 2019 को रिहा भी किया जाना था, लेकिन उसी दिन भारत ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला किया और पाकिस्तान का रवैया बदल गया है। भारत को इस बात का शक है कि जिस तरह से अचानक ही अब पाकिस्तान सरकार की तरफ से उक्त दोनो भारतीयों की गिरफ्तारी की सूचना मीडिया में जारी की गई है उसके पीछे कोई गहरी साजिश है।

भारत ने पाक अधिकारियों से साधा संपर्क

पाकिस्तानी मीडिया में प्रशांत और बारी के बारे में खबरें आने के तुरंत बाद फिर से भारत ने वहां के संबंधित अधिकारियों से संपर्क साधा है। भारत ने कहा है कि उक्त दोनों भारतीयों से तुरंत उसके इस्लामाबाद स्थित उच्चायोग के अधिकारियों से मिलने दिया जाए, दोनों भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उन्हें तत्काल भारत लौटने की व्यवस्था की जाए ताकि वे अपने परिवार से मिल सके। अभी तक पाकिस्तान की तरफ से इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

गलती से सीमा में घुस आये भारतीयों पर पाक का बदला रवैया

दरअसल, जब से भारत ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया है तभी से गलती से सीमा में घुस आये भारतीयों को लेकर पाकिस्तान का रवैया पूरी तरह से बदला हुआ है। 5 अगस्त, 2019 को भारत ने जब अपने राज्य कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला किया था, ठीक उसके पहले पाकिस्तान की तरफ से बताया गया था कि वह गलती से उनकी सीमा में घुस आये पांच भारतीयों और सैकड़ों भारतीय मछुआरों को छोड़ने की तैयारी में है। इसमें उक्त दोनों भारतीय भी थे, लेकिन उस फैसले के बाद पाकिस्तान सरकार का रवैया पूरी तरह से बदला हुआ है।

छोड़ने को तैयार था पाक, अटारी बार्डर भी लाया गया

विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक उक्त दोनों को अटारी बार्डर पर लाया गया था, लेकिन अब पाकिस्तान की एजेंसियां मामले को दूसरा रंग देने की कोशिश कर रही हैं।

दरअसल, गलती से पाकिस्तान की सीमा में जाने वाले कुछ और भी लोग हैं जिन्हें एक समय छोड़ने की बात हो रही थी लेकिन अब पाकिस्तान का रवैया बदला हुआ है। विदेश मंत्रालय के अधिकारी बताते हैं कि वर्ष 2016 से 2017 के बीच राजस्थान के रामदास और पंजाब के जस्सी सिंह के भी पाकिस्तान की सीमा में गलती से प्रवेश कर जाने की संभावना है। इन दोनों के बारे में भी पाकिस्तान सरकार को सूचना दी गई थी।

भारत को सौंप देने की विदेश मंत्रालय को है उम्मीद

विदेश मंत्रालय को उम्मीद है कि गलती से पड़ोसी देश की सीमा में जाने वाले भारतीयों का वहां की सरकार मानवता के आधार पर पता लगाएगी और उन्हें भारत को सौंप देगी। सनद रहे कि दोनों देशों के बिगड़ते रिश्तों का असर गलती से एक दूसरे की सीमा में प्रवेश करने वाले लोगों के साथ ही एक दूसरे के जेल में बंद नागरिकों को भी भुगतना पड़ता है। पिछले वर्ष भारत ने प्रस्ताव किया था कि एक दूसरे के जेलों में बंद वैसे नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित की जाए जो अपनी सजा पूरी कर चुके हैं। लेकिन पाकिस्तान की तरफ से ऐसे भारतीयों की कोई सूची अभी तक नहीं सौंपी गई है।

Posted By: Bhupendra Singh

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