नई दिल्ली, प्रेट्र। संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) कोविड-19 संकट से निपटने में केंद्र द्वारा उठाए गए कदमों के सभी पहलुओं की जांच करेगी। समिति के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के आर्थिक प्रभाव और इसके चलते उत्पन्न बेरोजगारी का आकलन करने के लिए रिजर्व बैंक के गवर्नर को बुलाया जा सकता है। लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन के नेतृत्व वाली 22 सदस्यीय समिति भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के महानिदेशक सहित अन्य शीर्ष सरकारी अधिकारी को भी बुला सकती है।

केंद्र के कार्यों और दृष्टिकोण की होनी चाहिए जांच

उन्होंने कहा कि समिति को व्यापक रूप से कोविड-19 संकट से निपटने के लिए केंद्र के कार्यो और दृष्टिकोण की जांच करनी चाहिए। इस महामारी के स्वास्थ्य और आर्थिक दोनों पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा। अधीर रंजन ने कहा कि हम निश्चित रूप से लॉकडाउन के कारण उत्पन्न होने वाली बेरोजगारी से निपटने में सरकार के कार्यो का मूल्यांकन करेंगे। यदि आवश्यक हुआ, तो समिति शीर्ष सरकारी अधिकारियों और रिजर्व बैंक के गवर्नर को भी बुला सकती है।

स्थायी समितियों की बैठकें दो महीने से नहीं हो रही

लोक लेखा समिति नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्टो की जांच के अलावा, गहराई से परीक्षण के लिए एक या अधिक विषयों का चयन कर सकती है। यह शायद सबसे महत्वपूर्ण संसदीय समिति है, जो सभी शीर्ष सरकारी अधिकारियों को बुलाने की शक्ति रखती है। कोविड-19 का प्रसार रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के मद्देनजर संसदीय स्थायी समितियों की बैठकें लगभग दो महीने से नहीं हो रही हैं।

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