बिलासपुर [राधाकिशन शर्मा]। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भाजपा आइटी सेल ने उनके व्यक्तित्व व कृतित्व को लेकर 85 पृष्ठ की सचित्र ई-बुक जारी की है। इसका नाम 'मोदी-कहानी भारतमाता के सच्चे सपूत की" है। आइटी सेल का दावा है कि जिले के ढाई लाख भाजपाइयों के मोबाइल की शोभा बनी हुई है।

बुक में बचपन से लेकर अयोध्या में श्रीराम मंदिर शिलान्यास तक का जिक्र है। हर एक पन्ने में उनकी महत्वाकांक्षी योजनाओं की जानकारी भी है। तीन पन्नों में उनके साहस के बारे में सचित्र बताया गया है। इसी में एक पन्नें पर स्टेशन में चाय बेचने के बारे में बताया गया है। इसके अलावा जब वे सात साल के थे तब मगरमच्छों से भरे तालाब में छलांग लगा दी थी और तालाब को पार कर मंदिर में ध्वज लहरा दिया था। वापसी में घर जाते वक्त मगरमच्छ के एक बच्चे को गोद में उठाकर ले गए थे। तब मां की समझाइश पर वे दौड़कर वापस तालाब में मगरमच्छ को छोड़ आए थे। बचपन से ही उनके मन में यह सवाल उठ रहा था कि ये अगड़ा और पिछड़ा क्या होता है। छुआछूत को लेकर उन्होंने बाल्यकाल से ही अभियान की शुरूआत कर दी थी। वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद मां से आशीर्वाद लेने पहुंचे। तब मां ने कहा कि मुझे नहीं मालूम कि मुख्यमंत्री क्या करता है, लेकिन मुझसे वादा करो कि तुम कभी रिश्वत नहीं लोगे।

किताबों के समंदर के गोताखोर

कुछ इस तरह के शीर्षक से उनके साहित्य के प्रति रुझान को बताया गया है। वे स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी, बाबा साहब अंबेडकर, वीर सावरकर और बेंजामिन फ्रेंकलिन से बहुत प्रभावित हैं। इसका असर आज उनके आचरण और निर्णयों में साफ तौर पर झलकता है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय कहा, प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर भाजपा आइटी सेल ने उनके व्यक्तित्व व कृतित्व को लेकर ई-बुक जारी की है। प्रदेश के भाजपा के कार्यकर्ताओं के मोबाइल पर ई-बुक भेज दी गई है। इसे जन-जन तक पहुंचाना है।"

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