जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। गांधी जयंती दो अक्टूबर से पहले के पखवारे को सरकार पूरे जोर शोर से मनाएगी। इस दौरान स्वच्छता पर वैश्विक अधिवेशन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 50 से अधिक देशों के स्वच्छता मंत्रियों को आमंत्रित किया गया है। इसमें विकासशील देशों के साथ कई विकसित देशों के प्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे। संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि और विदेशी प्रतिनिधि भारत के स्वच्छता अभियान की जमकर प्रशंसा कर रहे हैं।

केंद्रीय स्वच्छता एवं पेयजल मंत्रालय ने चार दिवसीय महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्वच्छता अधिवेशन का आयोजन किया है। इसका उद्घाटन 29 सितंबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे। जबकि इसके अंतिम दिन यानी दो अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिस्सा ले सकते हैं।

स्वच्छ भारत मिशन का यह चौथा साल है। इस दौरान देश में स्वच्छता कवरेज और देश को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) करने की दिशा में उल्लेखनीय सफलता मिली है। इसे लेकर दुनिया के देश आश्चर्यचकित हैं। ग्रामीण स्वच्छता की कवरेज 39 फीसद से बढ़कर 92 फीसद तक पहुंच गई है। सबसे बड़ी बात लोगों के व्यवहार में परिवर्तन यानी स्वच्छता के प्रति लोगों की सोच में बदलाव हुआ है।

इसके पहले 15 सितंबर से दो अक्टूबर तक 'स्वच्छता ही सेवा है' पखवारा मनाया जाएगा। इसमें देश के तकरीबन 20 करोड़ लोगों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये करेंगे। 16 सितंबर को प्रत्येक गांव में स्वच्छता को लेकर ग्राम सभा की बैठक बुलाई जाएगी। जबकि 17 सितंबर को सेवा दिवस मनाया जाएगा जिसमें सांसद, स्थानीय विधायक व मंत्रियों को शिरकत करने का निर्देश दिया गया है। 22 सितंबर को रेलवे स्वच्छता दिवस के रूप में मनाया जाएगा। 25 सितंबर को अंत्योदय दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया गया है। इसमें स्वच्छाग्रहियों को स्वच्छाग्रही बनाया जाएगा। स्वच्छता अभियान में पेंशनर, रिटायर फौजियों और कारपोरेट सेक्टर के लोगों को विशेष रूप से जोड़ा जाएगा।

 

Posted By: Arun Kumar Singh