नई दिल्ली, एएनआइ। कश्मीर मसले को लेकर दिए ट्रंप के बयान पर संसद के अंदर और बाहर संग्राम जारी है। विपक्ष मामले पर प्रधानमंत्री को संसद में आकर स्पष्टीकरण देने की मांग कर रहा है। संसद में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद की अध्यक्षता में विपक्षी नेताओं ने एक बैठक की। इस दौरान कश्मीर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बयान को लेकर विपक्ष के नेताओं ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की और प्रधानमंत्री से इस मामले पर बयान देने को कहा।

इस दौरान कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि केंद्र में कोई भी सरकार सत्ता में रही हो, लेकिन हमारी विदेश नीति यह रही है कि कश्मीर द्विपक्षीय मुद्दा है और कोई तीसरा पक्ष हस्तक्षेप नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि ट्रंप जानते हैं कि कश्मीर और पाकिस्तान से बातचीत को लेकर भारत की पॉलिसी क्या रही है।

आजाद ने कहा कि हम यह नहीं कह रहे कि हमारे पीएम झूठे हैं, लेकिन पीएम मोदी सामने आकर बताएं कि ट्रंप झूठ बोल रहे हैं। हम चाहते हैं कि ट्रंप के बयान पर पीएम मोदी खुद जवाब दें। हम केवल पीएम मोदी के जवाब पर ही भरोसा करेंगे।

इससे पहले राज्यसभा में ट्रंप के बयान को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। मामले पर विपक्ष ने सरकार से जवाब देने की मांग की। जिसके बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सदन में आकर सरकार का रुख साफ किया। विदेश मंत्री ने साफ कर दिया की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से मध्यस्थता को लेकर कभी कोई अपील नहीं की है।

उन्होंने कहा कि कश्मीर को लेकर भारत का रुख हमेशा से साफ रहा है कि सिर्फ दोनों देशों के बीच ही बातचीत हो सकती है। इसपर किसी तीसरे देश का किसी भी तरह का दखल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत तभी संभव है जबतक की पाकिस्तान आतंकवादी संगठनों पर कड़ी कार्वाई नहीं करता।
 

Posted By: Manish Pandey

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