सिलचर, प्रेट्र। मिजोरम के साथ सीमा विवाद को लेकर हुई हिंसा पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने दावा किया है कि उनकी सरकार द्वारा ड्रग्स व मवेशियों की तस्करी और पशु वध रोकने के लिए की जा रही कड़ाई इसकी वजह हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि वो अपने राज्य की एक इंच जमीन भी किसी को लेने नहीं देंगे।

असम सरकार के कुछ फैसलों से मिजोरम में नान स्टेट एक्टर्स हुए नाराज

उल्लेखनीय है सोमवार को मिजोरम और असम की सीमा पर हुए संघर्ष में असम पुलिस के पांच जवानों और एक आम नागरिक की मौत हो गई थी। सरमा ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी का रास्ता म्यांमार से निकलकर मिजोरम और असम की बराक घाटी से होते हुए पंजाब तक जाता है। मेरे पास यह मानने के पुख्ता कारण हैं कि पिछले दो महीनों में असम सरकार के कुछ फैसलों ने मिजोरम में नान स्टेट एक्टर्स को नाराज कर दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि मिजोरम में प्रवेश करने वाले म्यांमार के शरणार्थियों के एक वर्ग को अभयारण्य प्रदान करने से असम के इन्कार ने भी उन्हें भड़काने का काम किया। उन्होंने कहा कि मेरे पास वीडियो सुबूत हैं। मुझे लगता है कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि क्या कुछ नान स्टेट एक्टर्स मैदान में आए हैं। उन्होंने मिजोरम के सीएम जोरमथंगा से यह भी जांच करने का आग्रह किया कि पुलिस पर हमला करने के लिए नागरिकों को बुलेटप्रूफ वेस्ट और स्नाइपर राइफल तक कैसे मिलीं।

असम पुलिस करेगी जांच

पत्रकारों से बातचीत में सरमा ने कहा कि ये घटना असम की सीमा पर हुई है, इसलिए असम पुलिस इस मामले की जांच करेगी। जांच इस बात की भी होगी कि आम नागरिकों को हथियार कैसे मिले। उन्होंने कहा, मैं एक इंच भी जमीन की किसी को नहीं दे सकता, अगर कल संसद एक कानून बना दे कि बराक घाटी मिजोरम को दे दी जाए, तो मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन जब तक संसद यह फैसला नहीं लेती, मैं किसी भी व्यक्ति को असम की जमीन नहीं लेने दूंगा। हम अपनी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Edited By: Arun Kumar Singh