नई दिल्ली, प्रेट्र। भाजपा के सहयोगी दल नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) की नेता अगाथा संगमा ने रविवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों की बैठक और सर्वदलीय बैठक में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को निरस्त करने की मांग की। सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीत सत्र से पहले यह बैठकें बुलाई गई थीं।

राजग की बैठक के बाद अगाथा ने कहा, 'चूंकि कृषि कानून रद कर दिए गए हैं। यह खासकर लोगों के हितों को ध्यान में रखकर किया गया था। इसलिए मैंने सरकार से पूर्वोत्तर के लोगों की उसी तरह की भावनाओं को ध्यान में रखकर सीएए को रद करने का आग्रह किया है।'

पार्टी और पूर्वोत्तर के लोगों की तरफ से की गई यह मांग: अगाथा संगमा

मेघालय में तुरा से सांसद अगाथा ने कहा कि सरकार से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, लेकिन उन्होंने मांग पर गौर किया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या राजग में शामिल पूर्वोत्तर की अन्य पार्टियों ने भी इसी तरह की भावनाएं व्यक्त कीं, अगाथा ने कहा, 'मैंने यह मांग अपनी पार्टी और पूर्वोत्तर के लोगों की तरफ से की है।'

सीएए पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में उत्पीड़न के शिकार अल्पसंख्यक हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारत की नागरिकता प्रदान करने की अनुमति देता है।

सर्वदलीय बैठक में लगभग डेढ़ दर्जन प्रमुख मुद्दों पर हुई चर्चा : खड़गे
कल से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र में हंगामे के आसार हैं। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में लगभग डेढ़ दर्जन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई। सभी विपक्षी दलों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानून बनाने पर चर्चा कराने की ओर ध्यान खींचा। बिजली संशोधन विधेयक पर भी विपक्षी नेताओं ने सरकार से जानकारी मांगी। 

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Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan