नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अब आकर्षक एनिमेटेड वीडियो के जरिये लोगों तक पहुंच बना रहा है। पहली बार संघ ने लॉकडाउन में अब तक के सेवा कार्यो के विवरण को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एनिमेटेड वीडियो का सहारा लिया है। इस वीडियो में एक ओर संघ के सेवाभाव पर सवाल उठाने वालों पर तंज कसा गया है तो दूसरी ओर उन्हें परिवार का सदस्य बताते हुए अच्छा व्यवहार का पाठ पढ़ाया गया है।

वीडियो में संघ का गणवेश पहने एक बालक सेवा कार्यो की जानकारी देता है। इस बारे में संघ के केंद्रीय प्रचार टीम से जुड़े राजीव तुली बताते हैं कि यह प्रयोग खासकर बच्चों को आकर्षित करने के लिए किया गया है। इस प्रयोग को सराहा जा रहा है। इसे आगे भी जारी रखा जाएगा। इस एनिमेटेड वीडियो में संघ के आनुषांगिक संगठन सेवा भारती के 20 मई तक के सेवा कार्यो की जानकारी दी गई है।

बताया गया है कि अब तक देशभर में 4 लाख 79 हजार 949 स्वयंसेवकों ने 85,701 स्थानों पर कुल एक करोड़ 10 लाख 55 हजार 450 परिवारों को राशन की किट उपलब्ध कराई है। सात करोड़ 11 लाख 46 हजार 500 से ज्यादा लोगों तक भोजन के पैकेट पहुंचाए हैं। 62 लाख से अधिक मास्क का वितरण तो 27 लाख 98 हजार 91 प्रवासी कामगारों को लिए भी भोजन का प्रबंध किया है। यही नहीं 39,851 से ज्यादा स्वयंसेवकों ने रक्तदान भी किया है।

संघ इस लॉकडाउन में तकनीकी से संबंधित कई नए प्रयोग किए हैं, जिनमें से एक वीडियो कांफ्रें¨सग एप के जरिये संघ की दैनिक शााखाएं लगाने के साथ बैठकें और अन्य गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। कोरोना के कारण अधिक समय घरों में गुजार रहे लोगों के लिए ऑनलाइन प्रतियोगिता के आयोजन जैसी गतिविधियां भी हैं।

सेवा भारती की मदद से आसान हुआ श्रमिकों का ट्रेन सफर 

सेवा भारती के प्रयास से गुरुग्राम से दीमापुर जा रहे 1435 कामगारों और उनके स्वजनों का सफर आसान हो गया। गुरुग्राम से 22 मई को चली ट्रेन को 1435 यात्रियों को लेकर नगालैंड के दीमापुर तक जाना था। 23 मई की रात नगालैंड के सेवा भारती के स्वयंसेवकों को संदेश मिला कि ट्रेन में खाना-पानी की दिक्कत है। नगालैंड के सेवा भारती के प्रमुख डॉ. शंकर देव राय ने राष्ट्रीय सेवा भारती टीम से ट्रेन में तकरीबन 40 युवाओं की सहायता का आग्रह किया। लेकिन दिल्ली में स्वयंसेवकों को पता चला कि इस ट्रेन के सभी यात्रियों के सामने भोजन का संकट है।

सेवा भारती के राष्ट्रीय महामंत्री श्रवण कुमार कहते हैं कि रेल मंत्रालय से विशेष हस्तक्षेप का आग्रह किया गया। तब भी कई स्टेशनों पर अवरोध का सामना करना पड़ा। ऊपर से ट्रेन कई घंटे की देरी से चल रही थी। इसलिए राहत पहुंचाने की व्यवस्था जल्दी में करनी थी। तब तक यह ट्रेन बिहार पहुंच गई थी। ऐसे में बिहार व बंगाल के स्वयंसेवकों से संपर्क साधा गया। रास्ते में पड़ने वाले कटिहार और फिर न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन पर सभी यात्रियों के लिए खाने-पीने व अन्य जरूरी चीजों का इंतजाम किया गया। पाटलिपुत्र व दानापुर में नाश्ता सभी यात्रियों तक नहीं पहुंच सका।

Posted By: Nitin Arora

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