केरल, एजेंसी। केरल उच्च न्यायालय ने केरल में एक दिवसीय राज्यव्यापी बंद का आह्वान करने के लिए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के नेताओं के खिलाफ स्वत: संज्ञान लिया है।

केरल HC के आदेश के अनुसार, कोई भी राज्य में बिना अनुमति के बंद का आह्वान नहीं कर सकता है।

केरल उच्च न्यायालय का कहना है कि पुलिस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सरकार और हड़ताल के आह्वान का समर्थन नहीं करने वाले नागरिकों की सार्वजनिक/निजी संपत्ति को किसी भी तरह की क्षति/विनाश को रोकने के लिए पर्याप्त उपाय किए जाएं।

NIA की छापेमारी के खिलाफ PFI ने आज राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।

बता दें कि देशभर में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े लोगों पर NIA और ED ने गुरुवार को छापेमारी की। केंद्रीय जांच एजेंसियों (central investigative agencies) ने टेरर फंडिंग मामले (terror funding case) में पीएफआई के लोगों को बड़ी संख्या में गिरफ्तार भी किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी की छापेमारी की कार्रवाई के खिलाफ पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) ने शुक्रवार को 'केरल बंद' का आह्वान किया है।

पीएफआई द्वारा बंद के आह्वान में केरल के विभिन्न हिस्सों में हिंसा की घटनाएं सामने आईं हैं। तिरुवनंतपुरम में बंद का समर्थन कर रहे PFI के लोगों ने एक ऑटो-रिक्शा और एक कार को कथित रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया।

Edited By: Versha Singh