नई दिल्‍ली, पीटीआइ। कांग्रेस की युवा नेता और पूर्व सांसद प्रिया दत्‍त भी सचिन पायलट के समर्थन में उतर आई हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस पार्टी ने सचिन और ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया के रूप में दो युवा नेताओं को खो दिया। इससे पहले उत्‍तर प्रदेश कांग्रेस के युवा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद भी राजस्‍थान के पूर्व उपमुख्‍यमंत्री सचिन पायलट के समर्थन में उतरे। प्रसाद ने कहा कि इससे कोई इन्‍कार नहीं कर सकता कि सचिन पायलट ने पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ कांग्रेस पार्टी में काम किया है। ऐसे में कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। राजस्‍थान में भी भाजपा ने फ्लोर टेस्‍ट की मांग कर अशोक गहलोत की परेशानी बढ़ा दी है।

जितिन प्रसाद के बाद प्रिया दत्‍त ने भी सचिन पायलट का समर्थन किया है। उन्‍होंने ट्वीट कर कहा, 'एक और दोस्‍त ने पार्टी छोड़ दी है। सचिन पायलट और ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया दोनों के साथ ही मैंने काम किया। ये दोनों ही मेरे अच्‍छे दोस्‍त भी हैं, लेकिन दुर्भाग्य से हमारी पार्टी ने बड़ी संभावनाओं वाले दो युवा नेताओं को खो दिया है। मैं यह बिल्‍कुल नहीं मानती कि महत्‍वाकांक्षी होना गलत है। इन दोनों नेताओं ने सबसे मुश्किल दौर में कड़ी मेहनत की है।'

सचिन पायलट को राजस्थान कांग्रेस के पदों और सरकार से बर्खास्त किए जाने के बाद तुरंत बाद जितिन प्रसाद ने अपने विचार जाहिर किए। जितिन प्रसाद ने ट्वीट में लिखा है- सचिन पायलट के साथ मैंने सिर्फ काम ही नहीं किया, बल्कि वह मेरे अच्‍छे दोस्त भी हैं। कांग्रेस में भी कोई इस बात से इन्‍कार नहीं कर सकता कि इन दिनों उन्होंने पूरे समर्पण के साथ पार्टी के लिए काम किया है। इसलिए मैं उम्मीद करता हूं कि ये स्थिति(राजस्‍थान कांग्रेस) जल्द सुधर जाएगी, दुखी भी हूं कि ऐसी नौबत आई।'

इससे पहले सचिन पायलट ने अपनी चुप्‍पी तोड़ते हुए ट्वीट किया- सच को परेशान किया जा सकता, लेकिन पराजित नहीं। बता दें कि जितिन प्रसाद को यूपी कांग्रेस के लोकप्रिय चेहरे के रूप में जाना जाता है। साथ ही जितिन प्रसाद उन युवा नेताओं में से एक हैं, जिन्हें राहुल गांधी का बेहद खास कहा जाता रहा है। हालांकि, बीते कुछ वक्त से जितिन कांग्रेस पार्टी में हाशिये पर चले गए हैं, लेकिन पार्टी में जितिन ने इसे लेकर कोई खुला विरोध नहीं किया है। अब जितिन प्रसाद के तेवर कुछ बदले-बदले नजर आ रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस से कुछ और नेता भी बगावती तेवर अपना लें, तो कोई हैरानी नहीं होगी।

दरअसल, सचिन पायलट को पार्टी याा अशोक गहलोत से क्‍या परेशानी है, इसका जिक्र उन्‍होंने सार्वजनिक मंच पर नहीं किया है। कहा जा रहा है कि सचिन पायलट जल्‍द ही एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर कई सवालों के जवाब दे सकते हैं। हालांकि, इस बीच सचिन पायलट पर निशाना साधते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि उनका नजरिया कुछ इस तरह था कि आ बैल मुझे मार और पिछले कई महीनों से वो इसी प्रकार के ट्वीट कर रहे थे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मैं सभी विधायकों से निष्पक्ष रहा हूं और कोई भी फैसले इस फैसले से खुश नहीं है।

Posted By: Tilak Raj

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