नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत दिल्ली पुलिस कमिश्नर को लोगों को हिरासत में लेने का अधिकार देने वाली अधिसूचना में दखल देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस बारे में जनरल आदेश नहीं दिया जा सकता। कानून के दुरुपयोग की कोई विशेष घटना हो तभी सुनवाई हो सकती है।

दरअसल लोगों को हिरासत में लेने का अधिकार देने वाली अधिसूचना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह आदेश दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू करने को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। जस्टिस अरुण मिश्रा और इंदिरा बनर्जी की पीठ ने कहा कि एनएसए लगाए जाने के संबंध में आदेश पारित नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने वकील एम एल शर्मा से याचिका वापस लेने के लिए कहा है।

एम एल शर्मा की याचिका में कहा गया है कि सीएए, एनआरसी और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर अंकुश लगाने के लिए एनएसए लगाया गया है। बता दें कि दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दस जनवरी को एनएसए के तहत पुलिस को कुछ शक्तियां दी हैं। इससे पुलिस को 12 महीने तक किसी व्यक्ति को बिना मुकदमे के हिरासत में रखने की अनुमति मिलती है।

 

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