जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इमरान खान से बात कर उन्हें पाकिस्तान चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के मुखिया होने पर बधाई दी। मोदी ने कहा कि इससे पाकिस्तान में लोकतंत्र की जड़ें मजबूत होंगी। इस बधाई के साथ भारत ने यह साफ कर दिया है कि उसे पाकिस्तान के इस पूर्व क्रिकेटर से कोई परहेज नहीं है।

सूत्रों का कहना है कि इमरान खान की भावी नीतियों को देखने के बाद ही भारत तय करेगा कि दोनों देशों में बातचीत की गुंजाइश है या नहीं। कोई भी फैसला इसी आधार पर होगा कि पाकिस्तान आतंक का रास्ता छोड़ दे। आतंक और बातचीत एक साथ संभव नहीं। मोदी से पहले अफगानिस्तान के राष्ट्रपति भी इमरान खान को फोन कर चुके हैं।

इमरान 11 अगस्त को लेंगे पाक प्रधानमंत्री पद की शपथ
पाक संसद में सबसे पड़ी पार्टी बनकर उभरी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) के अध्यक्ष इमरान खान ने कहा है कि वे 11 अगस्त को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। रेडियो पाकिस्तान ने खुद इमरान के हवाले से कहा कि वे 11 अगस्त को पदभार संभालेंगे। सोमवार को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के नवनिर्वाचित पार्टी विधायकों को संबोधित करते हुए पीटीआइ नेता ने कहा कि मैंने राज्य के अगले मुख्यमंत्री का फैसला कर लिया है। अगले 48 घंटों के अंदर उनके नाम का एलान कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सिंध प्रांत की गरीबी खत्म करना उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल होगा।

पीएमएल-एन और पीपीपी ने मिलाया हाथ
नेशनल असेंबली में दूसरे नंबर की पार्टी पीएमएल-एन और तीसरे नंबर पर रही पीपीपी ने इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने की स्थिति में एक साथ आने का फैसला किया है। संसद में पीएमएल-एन के 64 और पीपीपी के 43 सदस्य हैं। दोनों पार्टियों ने कहा है कि इमरान सरकार के खिलाफ संयुक्त रणनीति अपनाई जाएगी।

Edited By: Manish Negi

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