भोपाल, एजेंसियां। मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार के फ्लोर टेस्ट को लेकर मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच हगा है। आज फ्लोर टेस्ट न होने से भाजपा नेता नाराज शिवराज सिंह चौहान ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।  इससे पहले राज्यपाल लालजी टंडन के अभिभाषण के बाद विधानसभा की कार्यवाही को 26 मार्च तक स्थगित कर दिया गया। इसके बाद शिवराज सिंह भाजपा के विधायकों के साथ राजभवन पहुंचे और उन्होंने राज्यपाल के सामने विधायकों की परेड कराई और 106 विधायकों की लिस्ट सौंपी।

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- रविवार को गुरुग्राम से भोपाल पहुंचे भाजपा विधायकों को फिर मानेसर भेजा जाएगा।  

- मध्‍य प्रदेश के राज्‍यपाल लालजी टंडन ने मुख्‍यमंत्री कमलनाथ को चिट्ठी लिखकर कहा है कि वह 17 मार्च को फ्लोर टेस्ट के जरिए बहुमत साब‍ित करें अन्यथा यह माना जाएगा कि आपके पास विधानसभा में बहुमत नहीं है।

विश्वास मत से भाग रहे हैं कमलनाथ

भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री विश्वास मत से भाग रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि सरकार के पास बहुमत का आंकड़ा नहीं है। बीजेपी के पास बहुमत है और हमने राज्यपाल से जल्द से जल्द फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की है। उन्होंने हमारे संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने का आश्वासन दिया है।

राज्यपाल को सौंपी 106 विधायकों की लिस्ट

मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि हमने आज राज्यपाल को 106 विधायकों की लिस्ट सौंपी है। आज उनके सामने भाजपा के सभी विधायक मौजूद थे।

नहीं होगा अधिकारों का हनन 

भाजपा विधायकों से बात करते हुए राज्यपाल लालजी टंडन ने कहा कि अगर मैंने कोई निर्देश दिया है तो उसका पालन कराना भी आता है। आप लोग निश्चिंत रहिए, किसी के भी अधिकारों का हनन नहीं होगा।

जल्द फ्लोर टेस्ट कराने का अनुरोध 

पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के साथ बीजेपी विधायकों ने राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की।इस दौरान उनसे जल्द से जल्द फ्लोर टेस्ट आयोजित करने का आदेश देने का अनुरोध किया गया। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा, सरकार ने बहुमत खो दिया है और उसे सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है'।

राजभवन पहुंचे शिवराज

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान पार्टी विधायकों के साथ राजभवन पहुंचे हैं। बीजेपी ने SC में याचिका दायर कर विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की है। कोरोना वायरस के मद्देनजर राज्य विधानसभा 26 मार्च तक स्थगित है।

सुप्रीम कोर्ट पहुंची भाजपा

मध्य प्रदेश विधानसभा में आज फ्लोर टेस्ट नहीं होने से नाराज बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बीजेपी ने 48 घंटे में मामले की सुनवाई करने की मांग की है।

26 मार्च तक विधानसभा स्थगित

विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कोरोना वायरस का हवाला देते हुए सदन को 26 मार्च तक स्थगित कर दिया। इस पर भाजपा विधायकों ने जमकर हंगामा किया और कहा कि सरकार फ्लोर टेस्ट से डर रही है।

नियमों का पालन करें: लालजी टंडन

भोपाल: विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद राज्यपाल लालजी टंडन वहां से बाहर चले गए। उन्होंने कहा, 'सभी को संविधान के तहत नियमों का पालन करना चाहिए ताकि मध्य प्रदेश की गरिमा संरक्षित रहे।'

कमलनाथ की राज्यपाल को चिट्ठी

सीएम कमलनाथ ने राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर फ्लोर टेस्ट रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में फ्लोर टेस्ट कराना अलोकतांत्रिक होगा। कमलनाथ ने आरोप लगाया है कि बीजेपी ने कांग्रेस के कई विधायकों को कर्नाटक में बंदी बना लिया है।

विधानसभा पहुंचे बीजेपी विधायक

बीजेपी के विधायक दो बसों से विधानसभा पहुंच चुके हैं। एक बस में शिवराज सिंह चौहान और दूसरी बस में नरोत्तम मिश्रा विधायकों के साथ मौजूद रहें।

फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार

मध्यप्रदेश कांग्रेस के मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि हम फ्लोर टेस्ट का सामना करने के लिए तैयार हैं, लेकिन फ्लोर पूरा नहीं हुआ है। कांग्रेस के 16 विधायकों को गायब कर दिया गया है, जिसके बारे में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गृह मंत्री अमित शाह को सूचना दी है।

बंधक विधायकों के स्वतंत्र होने के बाद फ्लोर टेस्ट 

मुख्यमंत्री कमलनाथ लगातार यह कहते आ रहे हैं कि वे फ्लोर टेस्ट को तैयार हैं, लेकिन जब तक बेंगलुर में बंधक उनके विधायकों को स्वतंत्र नहीं किया जाता, तब तक फ्लोर टेस्ट नहीं हो सकता। इस बात को सोमवार को भी उन्होंने दोहराया है।

फ्लोर टेस्ट का फैसला सदन करेगा : प्रजापति

राज्यपाल द्वारा दिए गए फ्लोर टेस्ट के निर्देशों पर विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति चुप्पी साधे हैं। प्रजापति ने मीडिया से कहा कि फ्लोर टेस्ट का फैसला सदन ही करेगा। सदन क्या फैसला लेगा, यह काल्पनिक सवाल है। जब उनसे पूछा गया कि राज्यपाल के निर्देश पर फ्लोर टेस्ट होगा या नहीं, जवाब में स्पीकर ने इसे भी काल्पनिक सवाल बताकर टाल दिया।

भाजपा ने ली कानूनी सलाह

रविवार को भाजपा नेता मप्र में छाए में सियासी संकट को लेकर कानूनी संभावनाएं तलाशते रहे। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, धर्मेद्र प्रधान, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सुप्रीम कोर्ट के सॉलीसिटर जनरल तुषषार मेहता से दो घंटे चर्चा की। उन्होंने मप्र में राज्यपाल के निर्देश के बाद भी फ्लोर टेस्ट न कराए जाने की स्थिति में कानूनी सलाह ली।

गृहमंत्री शाह के घर बैठक

मप्र के घटनाक्रम से जु़ड़े भाजपा के सभी प्रमुख नेताओं ने रविवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के निवास पर महत्वपूर्ण बैठक कर संवैधानिक संकट पर बातचीत कर आगे की रणनीति तैयार की। भोपाल में भाजपा विधायक दल ने व्हिप भी जारी कर दिया, ताकि कोई विधायक फ्लोर टेस्ट में ग़़डब़़ड न कर सके। कांग्रेस शनिवार को व्हिप जारी कर चुकी है।

Posted By: Manish Pandey

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