नई दिल्ली, एएनआइ। महाराष्ट्र की राजनीतिक उठा-पटक में शिवसेना प्रवक्ता व सांसद संजय राउत के कई बयान सामने आ चुके हैं। संजय राउत ने सोमवार को उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट को छोड़कर एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने वाले बागी विधायकों की जमकर आलोचना की है। संजय राउत ने कहा कि राजनीति और सार्वजनिक जीवन में पैसा ही सब कुछ नहीं है।

समाचार एजेंसी एएनआइ को दिए साक्षात्कार में राउत ने हालिया महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर कहा कि जब भी कोई संकट होता है, हम कड़ी मेहनत करते हैं। संकट पार्टी को अपना स्टैंड साबित करने का मौका देता है और हम इसे करेंगे। हमारे लिए चिंता की कोई बात नहीं है। यह उन लोगों के लिए चिंता का विषय है जो चले गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राजनीति और सार्वजनिक जीवन में पैसा ही सब कुछ नहीं है और आप शिवसेना कैडर के समर्थन के बिना फिर से सत्ता में कैसे आएंगे।

राउत ने कहा कि हमने हमेशा अपने लोगों और पार्टी पर भरोसा किया और मानते हैं कि ये हमारे लोग हैं और हमारे साथ रहेंगे। वे इतने सालों से हमारे साथ बैठे हैं और पार्टी से जुड़े हुए हैं।

हमारा साहस और आत्मा हमारे साथ: संजय राउत

शिवसेना में फूट के बाद ट्रस्ट फैक्टर पर बोलते हुए संजय राउत ने कहा कि राजनीति में हमारे लिए भरोसा बहुत बड़ी चीज है, लेकिन अब हमारा विश्वास टूट गया है लेकिन हमारा दिमाग नहीं टूटा है। अब तक हमारा साहस और आत्मा हमारे साथ है। आप इसे मेरे चेहरे पर देख सकते हैं। हम कभी भी सत्ता के आसपास नहीं रहे हैं। हम हमेशा लोगों और पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा चुने गए लोगों के पास गए हैं। यह हमारे लिए कोई मुश्किल काम नहीं है।

लाखों शिवसैनिक हमें देते हैं ताकत: संजय राउत

शिवसेना नेता ने कहा कि लोग आते और जाते हैं। उन्होंने हमारी पार्टी में शामिल होने का विकल्प चुना था और अब बाहरी ताकतों के लिए इसे छोड़ दिया है। हम गांवों में जाएंगे और अन्य कार्यकर्ता ढूंढेंगे। उन्होंने कहा कि लाखों शिवसैनिक हमें ताकत देते हैं। विधायक और सांसद कभी हमारी ताकत नहीं रहे हैं। कुछ लोग चले गए। वे जल्द ही अपने विश्वास की खोज करेंगे। पार्टी काम करेगी और विधायकों और सांसदों को चुनकर वापस लाएगी।

राउत ने कहा कि यह (भाजपा और शिंदे गुट का गठबंधन) एक अस्थायी व्यवस्था है, वे लोगों के पास नहीं जा पाएंगे। वे शिवसेना में शेर थे। यहां तक ​​कि कसाब के पास इतनी सुरक्षा नहीं थी, लेकिन जब वे मुंबई पहुंचे तो उनके पास क्या था। शिंदे पर सवाल करते हुए राउत ने कहा कि क्या आप किसी से डरते हैं।

एकनाथ शिंदे ने 164- 99 के अंतर से जीता विश्वास मत

बता दें कि उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा झटका देते हुए रविवार रात महाराष्ट्र विधानसभा के नवनियुक्त अध्यक्ष ने शिवसेना विधायक अजय चौधरी को विधायक दल के नेता पद से हटा दिया। अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के कार्यालय द्वारा जारी एक पत्र ने शिंदे को शिवसेना के विधायक दल के नेता के रूप में बहाल कर दिया और सुनील प्रभु को हटाकर शिंदे खेमे से भरत गोगावाले को सेना के मुख्य सचेतक के रूप में नियुक्त किया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 164- 99 के अंतर से विश्वास मत जीता है। इस दौरान तीन सदस्य मतदान से दूर रहे।

Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan