विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सावधान! अगले साल से आपकी हर गतिविधि की मोदी सरकार के पास होगी पुख्ता जानकारी

By Bhupendra SinghEdited By:
Published: Sun, 22 Sep 2019 08:56 PM (IST)

नेटग्रिड में देश में आने-जाने वाले हर व्यक्ति बैंकिंग और वित्तीय लेन-देन क्रेडिट कार्ड से खरीदारी कर देने वाले व्यक्ति ...और पढ़ें

सावधान! अगले साल से आपकी हर गतिविधि की मोदी सरकार के पास होगी पुख्ता जानकारी
सावधान! अगले साल से आपकी हर गतिविधि की मोदी सरकार के पास होगी पुख्ता जानकारी

नई दिल्ली, प्रेट्र। अगले साल से आपकी हर गतिविधि पर सरकार की नजर होगी। मसलन आप कितनी बार विदेश जाते-आते हैं, बैंक खाते में कितनी बार लेन-देन करते हैं, कितना टैक्स जमा करते हैं, कितनी बार विमान में उड़ते हैं, कितनी बार ट्रेन से यात्रा करते हैं, इस तरह की आपसे जुड़ी हर जानकारी पर सरकार के पास होगी। यह सब संभव हो सकेगा नेशनल इंटेलीजेंस ग्रिड (नेटग्रिड) के जरिए, जो देश के हर नागरिकके बारे में जानकारी एकत्र करने वाला एक मजबूत खुफिया तंत्र है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि जनवरी, 2020 से इसके चालू होने की पूरी उम्मीद है।

अधिकारियों ने बताया कि मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकी हमले के बाद नेटग्रिड की परिकल्पना की गई थी। इसका मकसद किसी भी संदिग्ध आतंकी का पता लगाकर सही वक्त पर आतंकी हमलों को रोकना है। 3,400 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट की हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा समीक्षा किए जाने के बाद इसके काम में तेजी आई है।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने पीटीआइ को बताया कि बहुत संभावना है कि अगले साल की शुरुआत से ही यह काम करना शुरू कर दे। नेटग्रिड में देश में आने-जाने वाले हर व्यक्ति, बैंकिंग और वित्तीय लेन-देन, क्रेडिट कार्ड से खरीदारी, टेलीफोनधारी, कर देने वाले व्यक्ति, हवाई जहाज और ट्रेन से यात्रा करने वाले लोगों के साथ ही अन्य खुफिया जानकारियों से संबंधित डाटा एकत्र होगा।

शुरू में इसके साथ 10 यूजर एजेंसियों और 21 सेवा प्रदाता एजेंसियों को जोड़ा जाएगा। धीरे-धीरे इसके साथ एक हजार संगठनों को भी जोड़ा जाएगा। शुरू में खुफिया ब्यूरो (आइबी), रिसर्च एंड एनालिसिस विंग( रॉ),केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआइ), फाइनेंसियल इंटेलीजेंस यूनिट (एफआइयू), केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी), केंद्रीय उत्पाद एवं सीमाशुल्क बोर्ड (सीबीईसी), केंद्रीय उत्पाद एवं खुफिया महानिदेशालय (डीजीसीईआइ) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) जैसी यूजर एजेंसियों को इससे जोड़ा जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में किसी राज्य की एजेंसी की नेटग्रिड डाटा तक पहुंच नहीं होगी, लेकिन जरूरत पड़ने पर प्रासंगिक जानकारी के लिए राज्य की एजेंसियां उपरोक्त 10 यूजर एजेंसियों के माध्यम से नेटग्रिड से संपर्क साध सकती हैं।